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Crude Oil Price Crash: कच्चे तेल को लेकर सच हुई ट्रंप की भविष्यवाणी, जानें भारत पर क्या होगा असर?

Crude Oil Price Crash: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड फिसलकर 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच कतर में हुई सकारात्मक बातचीत के बाद बाजार से सप्लाई का संकट टल गया है। तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट से भारत समेत दुनिया भर के देशों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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Crude Oil Price Crash: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। वैश्विक तनाव के बीच एक समय 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका कच्चा तेल अब क्रैश होकर 70 डॉलर के करीब आ पहुंचा है। गुरुवार को इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का दाम फिसलकर 70.60 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) भी गिरकर 67 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट से भारत समेत दुनिया भर के देशों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सच साबित हुई डोनाल्ड ट्रंप की भविष्यवाणी

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह भविष्यवाणी सच साबित हो गई है, जो उन्होंने मई के महीने में की थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है और उनके आते ही कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी गिरावट आएगी। इसके बाद जून में अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर बात बनी, जिससे बाजार में सकारात्मक संदेश गया। इसके साथ ही दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ‘एमके ग्लोबल’ का वह अनुमान भी समय से पहले सच साबित हो गया है, जिसमें उन्होंने चालू वित्त वर्ष के अंत तक तेल की कीमतें गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल तक आने की बात कही थी।

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होर्मुज रूट बंद, फिर भी क्यों गिरा दाम?

हैरानी की बात यह है कि दुनिया की 20 फीसदी तेल सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) अभी भी पूरी तरह से नहीं खुला है। हाल ही में ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों से तनाव दोबारा बढ़ा था। इसके बावजूद तेल सस्ता होने की मुख्य वजह कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सकारात्मक बातचीत है। दोनों पक्ष अगली बैठक के लिए सहमत हो गए हैं, जिससे सप्लाई रुकने का खतरा कम हुआ है। इसके अलावा ओपेक प्लस (OPEC+) देशों द्वारा प्रोडक्शन बढ़ाना और यूएई व सऊदी अरब जैसे देशों से सप्लाई सुचारू रहने की उम्मीद ने तेल के दामों पर दबाव बनाया है।

First published on: Jul 02, 2026 01:31 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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