बांग्लादेश में नोटबंदी जैसे हालात! 2 लाख से ज्यादा कैश निकालने पर रोक, पुलिसकर्मियों का अड़ियल रुख बरकरार

Bangladesh News: बांग्लादेश में राजनीतिक उठापटक के बीच वहां के सबसे बड़े बैंक ने कॉमर्शियल बैंकों को बहुत महत्वपूर्ण आदेश दिया है। बैंक ने कहा है कि कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एक शाखा से दूसरी शाखा के बीच कैश के ट्रांसपोर्ट पर रोक लगा दें।

Students Protestors Bangladesh

बांग्लादेश में प्रदर्शन करते छात्र। (एएनआई)

Bangladesh News: बांग्लादेश में माहौल नोटबंदी का हो गया है। बैंकों में कैश का फ्लो रूक गया है और लोगों के 2 लाख से ज्यादा पैसा निकालने पर बैन लगा दिया गया है। दरअसल बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद माहौल एकदम बदल गया है। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों को पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं, बांग्लादेश के सबसे बड़े बैंक ने कॉमर्शियल बैंकों को इस हफ्ते ग्राहकों को 2 लाख टका से ज्यादा निकालने की मंजूरी न देने का निर्देश दिया है।

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डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वह चेक से निकासी पर नजर रखें और किसी भी तरह के संदिग्ध लेन देन को तत्काल रोक दें। कॉमर्शियल बैकों को लिखे अपने पत्र में बांग्लादेश बैंक ने कहा है कि कैश को ट्रांसपोर्ट करने में सिक्योरिटी प्रॉब्लम आ रही हैं, लिहाजा ग्राहकों को आने वाले हफ्तों में 2 लाख से ज्यादा पैसा निकालने की अनुमति ना दें।

हिंसक भिड़ंत के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे पुलिस कर्मी

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बांग्लादेश बैंक का यह आदेश कब तक लागू रहेगा। बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों से हिंसक भिड़ंत के बाद पुलिस कर्मियों ने ड्यूटी ज्वॉइन नहीं की है। बांग्लादेश बैंक ने कहा है कि कमजोर सुरक्षा व्यवस्था है तो एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच के बीच कैश का वितरण रोक दें।

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बता दें कि 5 अगस्त को प्रदर्शनकारियों और पुलिस में जबरदस्त भिड़ंत हुई थी, इस भिड़ंत में 130 से ज्यादा लोग मारे गए थे। बहुत सारे पुलिसकर्मियों की भी जान चली गई थी, हिंसा इतनी बढ़ गई कि शेख हसीना को प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और उन्होंने ढाका छोड़कर भारत में शरण ली है।

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हालांकि बांग्लादेश बैंक ने बिगड़ती कानून व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया है। लेकिन, इस फैसले से 2016 में भारत में हुई नोटबंदी की याद आती है, जिसमें एक प्रावधान यह भी था कि आप शादियों के लिए एक दिन में 2.5 लाख से ज्यादा नहीं निकाल सकते। आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। बैंकों से नोटों के बदलने की सीमा 4000 रुपया प्रतिदिन रखी गई थी। एटीएम से पैसे निकालने पर भी लिमिट लगी हुई थी। सप्ताह में 20 हजार से ज्यादा पैसा नहीं निकाल सकते थे।

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