स्विट्जरलैंड में बुर्का पहनने और चेहरा ढकने पर पाबंदी, उल्लघंन करने पर लगेगा 91 हजार रुपये जुर्माना

Burqa Ban in Switzerland, Switzerland news

Ban on burqa in switzerland: स्विट्जरलैंड की संसद ने नए कानून को मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसके तहत अब देश में बुर्का पहनने और चेहरा ढकने पर बैन लगा दिया गया है। नए कानून के तहत उल्लंघन करने पर 1 हजार स्विस फ्रैंक (लगभग 91 हजार रुपये) तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस कानून को हायर संसद की ओर से पहले ही मंजूर कर लिया गया था। लेकिन अब इसे संघीय तौर पर मंजूरी दे दी गई है। इस कानून का पालन करना पब्लिक प्लेस और निजी ऑफिसेज में जरूरी है। हालांकि कुछ जगहों पर इसको लेकर छूट भी दी गई है।

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जनमत संग्रह को 51 फीसदी लोगों ने दिया था समर्थन

बता दें कि स्विस संसद के निचने सदन में बुधवार को वोटिंग की गई थी। जिसमें मुस्लिम महिलाओं के बुर्के और चेहरा ढकने पर बैन लगाने की मांग की गई थी। इस कानून को उच्च सदन में पहले ही पारित किया जा चुका है। इस कानून को दक्षिणपंथी लोकलुभावन स्विस पीपुल्स पार्टी द्वारा लाया गया था। जिसके खिलाफ मध्यमार्गियों और ग्रीन्स द्वारा आपत्ति जताई गई थी। लेकिन इसके बाद भी इसके पक्ष में 151 वोट पड़े।

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वहीं, इसके विरोध में 29 वोट आए। इससे दो साल पहले भी एक राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह कानून को लेकर करवाया गया था। जिसके पक्ष में लगभग 51 प्रतिशत लोगों ने आवाज को बुलंद किया था। इसके अलावा प्रोटेस्ट के समय पहने जाने वाले स्की मास्क और बंदना को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। लेकिन अब इस पूर्णतः कानून के तौर पर मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद अब 1 हजार स्विस फ्रेंक यानी लगभग 1100 डॉलर जुर्माना कानून की उल्लंघना पर देना होगा।

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30 फीसदी महिलाएं पहनती हैं बुर्का

हालांकि जनमत संग्रह के दौरान मुस्लिम संगठनों की ओर से इसका विरोध किया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि स्विट्जरलैंड में 30 फीसदी महिलाएं बुर्के का यूज करती हैं। देश की इस्लामिक सेंट्रल काउंसिल ने इस वोटिंग को मुस्लिम विरोधी भावनाओं का प्रसार बताया है। अब पब्लिक प्लेस और निजी कार्यालयों में नाक, मुंह और आंखों को ढकने पर पूर्ण बैन रहेगा।

लेकिन कुछ जगहों पर इसको लेकर छूट दी गई है। इससे पहले बेल्जियम और फ्रांस में भी इस तरह के कानून लाए जा चुके हैं। इससे पहले भी स्विट्जरलैंड में एक कानून लाया गया था। जिसके तहत नई मीनारों को बनाने पर बैन लगाया गया था। मुस्लिम काउंसिल इस नए कानून को दूसरा मुस्लिम विरोधी फरमान मान रही है।

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https://youtu.be/hYvKD8rYlgc

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