US Strikes on Venezuela Updates: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में अमेरिकी सेना ने शनिवार को कई विस्फोट किए. इसके बाद शहर में अफरा-तफरी मच गई और ब्लैकआउट हो गया. फिर वहां की सरकार ने पूरे देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया. हमले के कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके सैनिकों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी बीवी समेत पकड़ लिया है. साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैनिक राष्ट्रपति मादुरो को पकड़कर देश के बाहर ले गए. वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की रूस ने कड़ी निंदा की है. रूस ने साथ ही इस मामले पर यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है.
अमेरिका ने क्यों वेनेजुएला पर किया हमला, क्या है वजह?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले का स्पष्ट कारण ड्रग्स तस्करी और लोकतांत्रिक संकट बताया है. उनका कहना है कि मादुरो सरकार के तहत देश से अमेरिका में नशीले पदार्थों की भारी आवक हो रही है, साथ ही अवैध प्रवासियों का प्रवाह भी बढ़ा है. मादुरो के सत्ता में आने के बाद वेनेजुएला का लोकतंत्र चरमरा गया, जिसके जवाब में अमेरिका ने तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए. हालांकि एक्सपर्ट इसे तेल संसाधनों और वैश्विक दामों का खेल मानते हैं, जबकि मादुरो अमेरिका पर पूरे देश पर कब्जे का आरोप लगाते हैं.
भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
अगर अमेरिका-वेनेजुएला टकराव लंबा खिंचता है तो दुनिया भर के तेल बाजार में भूचाल आ सकता है. वेनेजुएला का कच्चा तेल सस्ता और भारी गुणवत्ता वाला माना जाता है, जो वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है. अगर उत्पादन रुकता है तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा.
कौन हैं निकोलस मादुरो?
निकोलस मादुरो का जन्म 23 नवंबर 1962 को एक साधारण मजदूर परिवार में हुआ, जहां वे ट्रेड यूनियन लीडर के बेटे थे. शुरुआत में बस ड्राइवर के रूप में काम करते हुए उन्होंने ह्यूगो शावेज के 1992 के असफल तख्तापलट का समर्थन किया और उनकी रिहाई के लिए अभियान चलाया. शावेज के 1998 के चुनाव जीतने पर मादुरो विधायक बने, फिर नेशनल असेंबली के अध्यक्ष, विदेश मंत्री रहे और तेल राजस्व से वैश्विक गठबंधन बनाए. शावेज ने उन्हें उत्तराधिकारी चुना, 2013 में वे कम अंतर से राष्ट्रपति बने, लेकिन उनके कार्यकाल में भयावह आर्थिक मंदी, हाइपरइन्फ्लेशन और दैनिक वस्तुओं की भारी कमी ने देश को संकट में धकेल दिया.