मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यात्रियों के लिए राहत की खबर है. अबू धाबी सरकार ने उन पर्यटकों और यात्रियों के लिए बड़ा फैसला लिया है, जो मौजूदा हालात की वजह से अपनी आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. अब ऐसे यात्रियों को होटल खाली करने की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि सरकार ने उनके ठहराव का खर्च उठाने का फैसला किया है. रविवार को जारी आधिकारिक बयान में अबू धाबी के डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म ने कहा कि अमीरात के सभी होटलों को निर्देश दिए गए हैं कि वो उन मेहमानों का ठहराव बढ़ाएं, जो मौजूदा हालात की वजह से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. इसका पूरा खर्च विभाग की ओर से किया जाएगा.
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर सरकार का फैसला
दरअसल, मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और बार-बार हो रहे हवाई हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या उनमें बड़ी देरी हो रही है. खासतौर पर ईरान से जुड़ी घटनाओं के बाद पूरे इलाके में एयर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जो अबू धाबी में फंसे हुए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि ये फैसला पूरी तरह मानवीय आधार पर लिया गया है. सरकार चाहती है कि किसी भी यात्री को मजबूरी में आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े. कई यात्री अचानक उड़ानें रद्द होने के कारण एक्सट्रा खर्च को लेकर परेशान थे, ऐसे में ये कदम उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा.
होटलों के लिए निर्देश जारी
अबू धाबी प्रशासन ने होटलों को ये भी निर्देश दिए हैं कि वो मेहमानों के साथ पूरा सहयोग करें. होटल प्रबंधन को कहा गया है कि किसी भी यात्री से एक्सट्रा पेमेंट की मांग ना की जाए और उनके ठहराव के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. इस आदेश का पालन सभी होटलों के लिए अनिवार्य होगा. इस फैसले का स्वागत करते हुए कई यात्रियों ने कहा है कि संकट के समय सरकार का ये कदम काफी सराहनीय है. यात्रियों का मानना है कि विदेशी जमीन पर इस तरह का सहयोग उन्हें सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराता है. प्रशासन ने ये भी साफ किया है कि ये व्यवस्था अस्थायी है. जैसे ही हालात सामान्य होंगे और उड़ानें नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी, ये सुविधा समाप्त कर दी जाएगी. फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वो अपनी-अपनी एयरलाइंस और दूतावासों के संपर्क में रहें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
ये भी पढ़ें: ईरान के हमले से दुबई की इकॉनमी को बड़ा झटका, हर दिन हो सकता है 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यात्रियों के लिए राहत की खबर है. अबू धाबी सरकार ने उन पर्यटकों और यात्रियों के लिए बड़ा फैसला लिया है, जो मौजूदा हालात की वजह से अपनी आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. अब ऐसे यात्रियों को होटल खाली करने की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि सरकार ने उनके ठहराव का खर्च उठाने का फैसला किया है. रविवार को जारी आधिकारिक बयान में अबू धाबी के डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म ने कहा कि अमीरात के सभी होटलों को निर्देश दिए गए हैं कि वो उन मेहमानों का ठहराव बढ़ाएं, जो मौजूदा हालात की वजह से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. इसका पूरा खर्च विभाग की ओर से किया जाएगा.
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर सरकार का फैसला
दरअसल, मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और बार-बार हो रहे हवाई हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या उनमें बड़ी देरी हो रही है. खासतौर पर ईरान से जुड़ी घटनाओं के बाद पूरे इलाके में एयर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है. इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जो अबू धाबी में फंसे हुए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि ये फैसला पूरी तरह मानवीय आधार पर लिया गया है. सरकार चाहती है कि किसी भी यात्री को मजबूरी में आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े. कई यात्री अचानक उड़ानें रद्द होने के कारण एक्सट्रा खर्च को लेकर परेशान थे, ऐसे में ये कदम उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा.
होटलों के लिए निर्देश जारी
अबू धाबी प्रशासन ने होटलों को ये भी निर्देश दिए हैं कि वो मेहमानों के साथ पूरा सहयोग करें. होटल प्रबंधन को कहा गया है कि किसी भी यात्री से एक्सट्रा पेमेंट की मांग ना की जाए और उनके ठहराव के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. इस आदेश का पालन सभी होटलों के लिए अनिवार्य होगा. इस फैसले का स्वागत करते हुए कई यात्रियों ने कहा है कि संकट के समय सरकार का ये कदम काफी सराहनीय है. यात्रियों का मानना है कि विदेशी जमीन पर इस तरह का सहयोग उन्हें सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराता है. प्रशासन ने ये भी साफ किया है कि ये व्यवस्था अस्थायी है. जैसे ही हालात सामान्य होंगे और उड़ानें नियमित रूप से शुरू हो जाएंगी, ये सुविधा समाप्त कर दी जाएगी. फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वो अपनी-अपनी एयरलाइंस और दूतावासों के संपर्क में रहें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
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