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11000 फुट की ऊंचाई पर हुआ था चमत्कार! विमान में ब्लास्ट से जिंदा बचे 74 यात्री, सिर्फ हमलावर की हुई मौत

दस साल पहले, 2 फरवरी 2016 को, एक सोमाली आत्मघाती हमलावर ने डैलो एयरलाइंस फ्लाइट 159 के अंदर धमाका कर दिया, जो मोगादिशु से जिबूती जा रही थी. इस दौरान इस हमले में सिर्फ हमलावर ही मारा गया था, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था.

Author Edited By : Versha Singh
Updated: Jan 24, 2026 16:16

दस साल पहले, 2 फरवरी 2016 को, एक सोमाली आत्मघाती हमलावर ने डैलो एयरलाइंस फ्लाइट 159 के अंदर धमाका कर दिया, जो मोगादिशु से जिबूती जा रही थी. इस दौरान इस हमले में सिर्फ हमलावर ही मारा गया था, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था.

संदिग्ध हमलावर की पहचान सोमाली नागरिक अब्दुल्लाही अब्दिसलाम बोरलेह के रूप में हुई थी, जो अपने साथ विस्फोटक वाला लैपटॉप कंप्यूटर फ्लाइट में ले गया था. CNN के सूत्रों के अनुसार, हमलावर को पहले से पता था कि कहां बैठना है और डिवाइस को कैसे रखना है ताकि फटने पर ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो.

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BBC की रिपोर्ट के अनुसार, डालो एयरलाइंस की फ्लाइट में धमाका टेकऑफ के लगभग 15 मिनट बाद हुआ, जब प्लेन लगभग 11,000 फीट (3,350 मीटर) की ऊंचाई पर था और केबिन अभी पूरी तरह से प्रेशराइज नहीं हुआ था.

किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, धमाके से एयरबस A321 के किनारे पर एक मीटर का छेद हो गया और हमलावर मारा गया. प्लेन को मोगादिशु में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.

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बता दें कि सोमालिया के ग्रुप अल-शबाब ने इस फ्लाइट में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी और कहा कि वे पश्चिमी अधिकारियों और तुर्की NATO सेना को निशाना बना रहे थे.

एक ईमेल स्टेटमेंट में, ग्रुप ने कहा, ‘ये हमला अल-शबाब अल मुजाहिदीन ने यह बम धमाका पश्चिमी धर्मयुद्ध करने वालों के गठबंधन और उनकी इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा सोमालिया के मुसलमानों के खिलाफ किए गए अपराधों का बदला लेने के लिए किया.’

डाल्लो एयरलाइंस के हेड मोहम्मद इब्राहिम यासीन ओलाद ने बताया कि बॉम्बर असल में टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट में चढ़ने वाला था, लेकिन वह फ्लाइट कैंसिल हो गई थी. ओलाद के मुताबिक, फ्लाइट के 74 पैसेंजर असल में टर्किश एयरलाइंस के साथ चेक-इन कर रहे थे, जो हफ्ते में तीन बार सोमालिया जाती है.

मिली उम्रकैद की सजा

उन्होंने आगे कहा, ‘वे हमारे पैसेंजर नहीं थे. टर्किश एयरलाइंस ने उस सुबह मोगादिशु से अपनी फ्लाइट कैंसिल कर दी थी क्योंकि जिबूती से आने वाली फ्लाइट मोगादिशु नहीं आ पाई, जैसा कि उन्होंने बताया कि तेज हवा के कारण ऐसा हुआ. उन्होंने हमसे रिक्वेस्ट की कि हम उनकी तरफ से पैसेंजर को जिबूती ले जाएं, जहां से वे टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट से अपनी आगे की यात्रा करेंगे.’

मिली जानकारी के अनुसार, मई 2016 में सोमालिया की एक मिलिट्री कोर्ट ने बम हमले की प्लानिंग करने के आरोप में दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला सहित आठ अन्य लोगों को छह महीने से चार साल तक की जेल की सजा मिली थी.

First published on: Jan 24, 2026 03:59 PM

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