वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद बहुत कुछ बदल गया है. अमेरिका के एक्शन का असर चीन पर भी पड़ा है. इसका उदाहरण है चीन के विशाल टैंकरों का यू टर्न. तेल के बदले शिपमेंट के तहत कच्चे तेल को लोड करने के लिए कराकस जा रहे चीन के दो विशाल टैंकर वापस लौट आए हैं और अब एशिया की ओर जा रहे हैं.
कच्चा तेल लेने जा रहे थे तीन के सुपरटैंकर
चीन के जहाजों के लिए ये कोई आम यात्रा नहीं थी, बल्कि बीजिंग की अरबों डॉलर की कर्ज वसूली का एकमात्र सहारा था.वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले ने चीन को इस कदर डरा दिया कि उसने तेल को छोड़कर वापस लौटना ही ठीक समझा. रॉयटर्स के LSEG शिपिंग डेटा के मुताबिक, चीन के फ्लैग वाले दो बड़े तेल कैरियर जहाजों Xingye और Thousand Sunny ने अपना रास्ता बदल लिया है. ये दोनों वेनेजुएला से कच्चा तेल लोड करने जा रहे थे.
चीन के लिए बड़ा झटका
जानकारी के मुताबिक पिछले कई हफ्तों से ये दोनों टैंकर अटलांटिक महासागर में तैनात थे और ऑर्डर के इंतजार में थे. लेकिन वेनेजुएला में अमेरिका ने जो किया उसने सब कुछ बदल कर रख दिया. दरअसल अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर अपना दावा पेश किया है, ऐसे में ये नहीं पता कि कब तक वेनेजुएला के तेल पर वो अपना हक जमाता रहेगा. इसीलिए चीन के जहाजों ने बिना तेल लिए ही वापस लौटना सही समझा.चीन के सुपरटैंकर्स का इस कदर वापस लौटना उसके लिए बड़ा झटका है. वेनेजुएला चीन से लिए कर्जे को तेल देकर चुकाता है. अब इन दोनों जहाजों के बिना तेल लिए वापस लौटने का मतलब ये है कि चीन को कर्ज वसूली में अड़चन आएगी.










