
'फाइनेंशियल सिक्योरिटी देती थी OPS...,' UPS Pension Scheme पर क्यों मचा बवाल?
Edited By Ankita Pandey

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UPS Pension Scheme: नई UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) पेंशन भारत में 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दी जाएगी, लेकिन देश के कोने-कोने में लोग इसका विरोध करते नजर आ रहे हैं। इसी सिलसिले में News24 ने एक्सपर्ट के एक पैनल के साथ इस स्कीम को समझने और इसकी खामियों को जानने का प्रयास किया है। इससे ये समझने में मदद मिलेगी कि इस स्कीम के कारण आम जनता में इतना आक्रोश क्यों है। देश के कई राज्यों में इसके खिलाफ विरोध दिखाने के लिए UPS की प्रतियां भी जताई गई हैं और धरने भी दिए जा रहे हैं।
कर्मचारियों का मानना है कि NPS या UPS दोनों में उनका हित नहीं है। ऐसे में वे विरोध जाहिर कर रहे हैं और सरकार से कहना चाहते हैं कि वे इसे वापस लें। बताया जा रहा है कि अगर सरकार इस पर कोई एक्शन नहीं लेती है तो आंदोलन और तेज होगा। एक्सपर्ट का मानना है कि OPS कोई सरकारी स्कीम नहीं थी, बल्कि एक सामाजिक सुरक्षा थी, जो 20 साल काम करने के बाद किसी कर्मचारी को मिलती है। ऐसे में देश के विकास में अपनी सेवाएं देने के बाद कर्मचारियों को OPS एक फाइनेंशियल सिक्योरिटी देती थी। ऐसे में NPS या UPS मध्यवर्गीय लोगों के लिए एक धोखा है।
एक्सपर्ट पैनल में NMOPS अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, वरिष्ठ पत्रकार नवेद शिकोह और रेलवे जोनल महामंत्री राकेश शर्मा शामिल हैं। आगे की जानकारी के लिए वीडियो देखें।
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