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UP में बैलगाड़ी पर बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देख चौंक गए लोग; देखें Video

Wedding Viral Video: महोबा में दूल्हा दिलीप कुशवाहा लग्जरी गाड़ी छोड़ बैलगाड़ी से अपनी दुल्हनिया लेने पहुंचा. बुंदेलखंडी परंपरा और सादगी को बढ़ावा देने वाली इस अनोखी बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 8, 2026 20:10

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक ऐसी बारात निकली जिसकी चर्चा अब पूरे सोशल मीडिया पर हो रही है. आज के दौर में जहां लोग शादियों में महंगी गाड़ियां और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं, वहीं दिलीप कुशवाहा नाम के दूल्हे ने अपनी शादी के लिए बैलगाड़ी को चुना. शुक्रवार को जब पिंडारी गांव से यह बारात निकली, तो हर कोई इसे देखता ही रह गया. बैलगाड़ी को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया था और दूल्हा शान से उस पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने निकला.

संस्कृति और सादगी का संगम

बारात का यह सफर केवल शादी की रस्म नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की परंपराओं को जिंदा करने की एक कोशिश थी. आगे-आगे सजी हुई बैलगाड़ी पर सवार दिलीप उसे खुद हांकते हुए नजर आए, जबकि पीछे-पीछे बाराती नाचते-गाते चल रहे थे. रात के समय जब यह बारात जोड़ी गांव पहुंची, तो वहां मौजूद घराती दूल्हे की इस सादगी को देखकर दंग रह गए. खुशी के इस मौके पर वधु पक्ष के लोगों ने दूल्हे पर जमकर फूलों की बारिश की और उसका भव्य स्वागत किया.

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संस्कृति को बचाने का दिया बड़ा संदेश

दिलीप कुशवाहा ने बैलगाड़ी को चुनकर समाज को यह संदेश देने की कोशिश की है कि हमारी असली पहचान हमारी संस्कृति और जड़ों में है. इस बारात को बुंदेलखंड की आत्मा को जीवित रखने वाली यात्रा माना जा रहा है. यह साबित करता है कि सादगी में भी एक अलग तरह की चमक और पहचान होती है. वायरल वीडियो में कन्या पक्ष के लोग बैलगाड़ी पर ही दूल्हे का टीका करते हुए नजर आ रहे हैं, जो इस शादी को और भी ज्यादा यादगार बना रहा है.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

इस अनोखी बारात का वीडियो अब शहर और इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं और दूल्हे की सोच की तारीफ कर रहे हैं. नेटिजन्स का कहना है कि आधुनिकता की चकाचौंध के बीच अपनी परंपराओं को इस तरह निभाना वाकई काबिल-ए-तारीफ है. कुछ लोग इसे संस्कृति से जुड़ाव बता रहे हैं, तो कुछ सादगी की मिसाल दे रहे हैं. दिलीप की इस बारात ने यह साफ कर दिया कि खुशियां मनाने के लिए महंगी चीजों की नहीं, बल्कि सुंदर विचारों की जरूरत होती है.

First published on: Feb 08, 2026 07:44 PM

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