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Mahakumbh 2025 के अद्भुत बाबा, किसी ने पहना 4 किलो सोना तो कोई कांटों पर लेटा

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में पहुंचे कई बाबा चर्चाओं में हैं। किसी के शरीर पर सोना ही सोना है तो कोई कांटों पर लेटा हुआ है। इसके साथ एंबेसडर वाले और कबूतर वाले बाबा भी चर्चाओं में हैं।

Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य महाकुंभ चल रहा है। इस महाकुंभ में देश ही विदेशों के लोग भी शामिल हो रहे हैं। महाकुंभ में शामिल कई बाबा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो चुके हैं। आज हम आपको महाकुंभ में शामिल उन बाबाओं के बारे में बता रहे हैं, जो किसी न किसी वजह से चर्चाओं में हैं। कोई चार किलो सोना पहनता है तो कोई कांटों पर लेटता है। कोई एक हाथ ऊपर कर तपस्या कर रहा है तो कोई अपने सिर पर रुद्राक्ष की मालाओं का ढेर रखा हुआ है।

राजलक्ष्मी नंदा

तमिलनाडु की राजलक्ष्मी नंदा अपने अनोखे अंदाज की वजह से चर्चाओं में हैं। राजलक्ष्मी 2000 किलोमीटर का सफर बुलेट से तय करने के बाद महाकुंभ में पहुंची हैं। वह बुलेट से ही चलती हैं, ऐसे में लोगों ने उनका नाम ‘बुलेट रानी’ भी रख दिया है। राजलक्ष्मी नंदा ने अधिक से अधिक लोगों से कुंभ में शामिल होने की अपील की और नारा दिया ‘चलो कुंभ, नहाओ कुंभ’।

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कांटों वाले बाबा

प्रयागराज में एक बाबा हैं, जो अकसर कांटों पर लेटे हुए दिखाई देते हैं। बाबा का नाम रमेश कुमार मांझी है, वे अपने अनोखी साधना के चलते चर्चाओं में हैं। वह कांटों पर लेटते हैं, ऐसे में लोगों ने इन्हें ‘कांटे वाले बाबा’ नाम दे दिया। बताया जा रहा है कि वह पिछले 50 सालों से हर साल यह साधना करते हैं और उनका कहना है कि इन कांटों से उनको नुकसान नहीं पहुंचता है।

गोल्डन बाबा

प्रयागराज के महाकुंभ में गोल्डन बाबा की भी खूब चर्चा हो रही है। इनका असली नाम एस.के. नारायण गिरी जी महाराज हैं और ये केरल के निवासी हैं। फिलहाल ये दिल्ली में रहते हैं। बाबा लगभग 4 किलो सोना अपने शीर पर धारण करते हैं जिसमें कंगन, अंगूठियां, घड़ी और सोने की छड़ी शामिल हैं। बाबा का कहना है कि उनका यह स्वरूप केवल बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि उनकी साधना और गुरु के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है।

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एंबेसडर वाले बाबा

इंदौर से आए महाकुंभ में पहुंचे महंत राजगिरी ‘एंबेसडर कार वाले बाबा’ या ‘टार्जन बाबा’ के नाम से मशहूर हैं। उनके पर 40 साल पुरानी एंबेसडर कार है, बाबा ने बताया कि उन्हें कार दान में मिली थी। अब ये कार बाबा का घर बन गई है। बाबा का कहना है कि यह कार उनके लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता आश्रम है।

कबूतर वाले बाबा

जूना अखाड़े के महंत राजपुरी जी महाराज भी खूब चर्चा में हैं। बाबा के सिर पर एक कबूतर बैठा रहता है। बाबा का कहना है कि कबूतर उनके सिर पर 9 सालों से बैठा हुआ है।

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First published on: Jan 22, 2025 08:32 AM

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About the Author

Avinash Tiwari

अविनाश तिवारी News24 डिजिटल में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। पिछले 4 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अविनाश रियल टाइम न्यूज और सोशल मीडिया पर चल रहे मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं। इन्हें वे तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। News24 से पहले जनसत्ता (Indian Express Group) के साथ काम कर रहे थे। इससे पहले कंटेंट राइटर के तौर पर अन्य संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। अविनाश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले हैं। उन्हें अपने गांव में समय व्यतीत करना पसंद है। अविनाश से संपर्क करने के लिए avinash.tiwari@bagconvergence.in मेल करें।

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