---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

рдХреНрдпрд╛ рдЦрддреНрдо рд╣реЛрдиреЗ рд╡рд╛рд▓реА рд╣реИ рджреБрдирд┐рдпрд╛? рд╕рд╛рдЗрдВрдЯрд┐рд╕реНрдЯ рдиреЗ рдХрд┐рдпрд╛ рдЪреМрдВрдХрд╛рдиреЗ рд╡рд╛рд▓рд╛ рдЦреБрд▓рд╛рд╕рд╛

рдмреНрд░рд┐рд╕реНрдЯрд▓ рдпреВрдирд┐рд╡рд░реНрд╕рд┐рдЯреА рдХреЗ рд╕рд╛рдЗрдВрдЯрд┐рд╕реНрдЯ рдиреЗ рдмрддрд╛рдпрд╛ рдХрд┐ рдкреГрдереНрд╡реА рдкрд░ рдХреНрд▓рд╛рдЗрдореЗрдЯ рдЪреЗрдВрдЬ рдХреЛ рд▓реЗрдХрд░ рдХреБрдЫ рдЪреМрдВрдХрд╛рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реЗ рдЦреБрд▓рд╛рд╕реЗ рдХрд┐рдП рд╣реИред рдЖрдЗрдпреЗ рдЗрд╕рдХреЗ рдмрд╛рд░реЗ рдореЗрдВ рдЬрд╛рдирддреЗ рд╣реИрдВред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

समय के साथ-साथ क्लाइमेट चेंज एक अहम परेशानी के रूप में उभरा है। ऐसे में एक नई जानकारी सामने आई है, जो लोगों को चौंका सकती है। हाल ही में ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट ने  बताया कि पृथ्वी के अंतिम दिन निकट आ रहे हैं, जिससे इंसानों और जानवरों के साथ सभी जीवित प्राणियों का विनाश हो सकता है। पिछले कुछ सालों में आए कई भूकंप इस बात की पुष्टि करते नजर आए हैं। आइये इस रिपोर्ट के बारे में जानते हैं।

साइंटिस्ट ने दी जानकारी

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट ने एक और चौंकाने जानकारी  दी है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग अनुमान से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते वे दिन दूर नहीं जब मनुष्य और जानवर सहित कोई भी जीवन प्राणी धरती पर जीवित नहीं रह पाएगा। ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट ने कंप्यूटर सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करके ये स्टडी पेश की है।

---विज्ञापन---
Earth

Earth

आएगी भयानक बाढ़

इस रिसर्च में पता चला है कि इस बार भी 250 मिलियन साल ( 25 करोड़) की तरह ही एक भयावह बाढ़ आएगी, जो पृथ्वी पर सभी जीवन को मिटा देगी। इसके साथ ही पृथ्वी का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा, जिससे किसी भी जीवन का जीवित रहना मुश्किल हो जाएगा।

---विज्ञापन---

डायनासोर की तरह लुप्त होंगे लोग

रिसर्च में बताया गया कि  कार्बन डाइऑक्साइड का बढ़ता स्तर पृथ्वी को नष्ट कर देगा और डायनासोर इसी कारण से विलुप्त हो गए थे। इस बार भी ऐसा ही कुछ हो सकता है, जो 6.6 करोड़ साल पहले हुआ था। इस रिसर्च टीम की अगुवाई अलेक्जेंडर फार्नस्वर्थ ने की है। उन्होंने बताया कि कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर दोगुना हो गया है। आने वाले समय में पृथ्वी के महाद्वीप पैंजिया अल्टिमा नामक एक सुपरकॉन्टिनेंट में विलीन हो जाएंगे।

इसके साथ ही ज्वालामुखी बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड एक्टिव होंगे, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाएगा और धीरे-धीरे पृथ्वी रहने लायक नहीं रह जाएगी।

---विज्ञापन---

First published on: Nov 04, 2024 11:21 PM

End of Article

About the Author

Ankita Pandey

рдЕрдВрдХрд┐рддрд╛ рдкрд╛рдВрдбреЗрдп рдПрдХ рдЕрдиреБрднрд╡реА рдЯреЗрдХ рдЬрд░реНрдирд▓рд┐рд╕реНрдЯ рд╣реИрдВ, рдЬрд┐рдиреНрд╣реЗрдВ рдЯреЗрдХреНрдиреЛрд▓реЙрдЬреА рд░рд┐рдкреЛрд░реНрдЯрд┐рдВрдЧ рдореЗрдВ рдЫрд╣ рд╕рд╛рд▓ рдХрд╛ рдЕрдиреБрднрд╡ рд╣реИред рдЙрдиреНрд╣реЛрдВрдиреЗ рдЬрд╛рдЧрд░рдг рдиреНрдпреВ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдФрд░ ETV рднрд╛рд░рдд рдЬреИрд╕реА рдкреНрд░рддрд┐рд╖реНрдард┐рдд рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рд╕рдВрд╕реНрдерд╛рдиреЛрдВ рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИред рдЙрдирдХреЗ рдЖрд░реНрдЯрд┐рдХрд▓ рдореЗрдВ рдЯреЗрдХреНрдиреЛрд▓реЙрдЬреА рдЯреНрд░реЗрдВрдбреНрд╕, рдЧреИрдЬреЗрдЯ рд░рд┐рд╡реНрдпреВ, рдЯреЗрд▓реАрдХреЙрдо рдЕрдкрдбреЗрдЯ рдФрд░ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓ рдЗрдиреЛрд╡реЗрд╢рди рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рдЬрд░реВрд░реА рдЬрд╛рдирдХрд╛рд░рд┐рдпрд╛рдВ рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рд╣реЛрддреА рд╣реИрдВред рд╡реЗ рдЕрдкрдиреА рддрдХрдиреАрдХ рдХреА рд╕рдордЭ рдФрд░ рд╕рд░рд▓ рднрд╛рд╖рд╛ рдХреА рдорджрдж рд╕реЗ рдХрдард┐рдд рд╡рд┐рд╖рдпреЛрдВ рдХреЛ рд╕рдордЭрд╛рдиреЗ рдХрд╛ рдкреНрд░рдпрд╛рд╕ рдХрд░рддреА рд╣реИрдВред

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola