शत्रुओं से लेकर कोर्ट के मामलों तक, मां बगलामुखी के इस मंदिर में दर्शन से सभी परेशानियां होंगी दूर!

Maa Baglamukhi Famous Temple: क्या आप भी लंबे समय से कोर्ट-कचहरी के मामलों के चलते परेशान हैं? क्या बार-बार आपके शत्रु आपको गिराने का प्रयास करते हैं? अगर हां, तो ऐसे में आप मां बगलामुखी के एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में।

Maa Baglamukhi Famous Temple

Maa Baglamukhi Famous Temple: हिंदू धर्म में मां बगलामुखी की पूजा का विशेष महत्व है, जिन्हें आठवीं महाविद्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग सच्चे दिल से देवी बगलामुखी की आराधना करते हैं, उनके घर में सदा सुख-शांति बनी रहती है।

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धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां बगलामुखी अपने द्वार पर आए किसी भी भक्त को खाली हाथ नहीं जाने देती हैं। वो अपने सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं देवी बगलामुखी की महिमा के बारे में।

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मां बगलामुखी की पूजा का महत्व

दर्श अमावस्या के दिन खासतौर पर मां बगलामुखी की आराधना की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 7 मई को दर्श अमावस्या थी। माना जाता है कि इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से मां बगलामुखी की पूजा-अर्चना करता है, उन्हें कोर्ट-कचहरी के मामलों और अपने सभी शत्रुओं से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा देवी की उपासना करने से जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी परेशानी से भी छुटकारा मिल सकता है।

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मां बगलामुखी का प्राचीन मंदिर कहां स्थित है?

मां बगलामुखी प्रमुख रूप से असम के गुवाहाटी के शक्तिपीठ कामाख्या तीर्थक्षेत्र में वास करती हैं। यहां पर मां बगलामुखी को समर्पित प्रमुख मंदिर स्थित है। जहां दर्शन करने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में भक्तजन आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगर कोई भक्त दर्श अमावस्या के दिन देवी बगलामुखी से कोर्ट से जुड़े मामलों में जीत पाने का आशीर्वाद मांगता है, तो मां उसकी इच्छा जरूर पूरी करती हैं। साथ ही उन्हें शत्रुओं की राजनीति से छुटकारा पाने का आर्शीवाद देती हैं।

 सुख-शांति के लिए किया जाता है यज्ञ

दर्श अमावस्या के दिन मां बगलामुखी के मंदिर में विशेष रूप से यज्ञ का आयोजन किया जाता है। आप यहां पर अपने लिए या अपने परिवार वालों की सुख-शांति के लिए यज्ञ करवा सकते हैं। मंदिर के अनुभवी पंडितों द्वारा यज्ञ किया जाता है।

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अगर किसी वजह से आप असम में स्थित इस मंदिर में नहीं जा पा रहे हैं, तो आप ऑनलाइन भी यज्ञ करवा सकते हैं। हालांकि पूजा के आरंभ होने से पहले कुछ विशेष मंत्रों का भी जाप करना होता है, जिसकी जानकारी फोन के द्वारा दी जाती है। पूजा के संपन्न होने के बाद पूजा का प्रसाद और यज्ञ का वीडियो आपको भेज दिया जाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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