बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ये चर्चा तेज थी कि महाराष्ट्र में होली, मुहर्रम और गांधी जयंती जैसे बड़े त्योहारों पर ड्राई डे खत्म कर दिया गया है और इन दिनों शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत मिल गई है. इन खबरों के सामने आने के बाद लोग काफी कन्फ्यूज हो गए थे. अब इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने सारी गलतफहमी दूर कर दी है. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि ड्राई डे को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया गया है और पहले से लागू नियम अब भी जारी हैं. यानी होली, मुहर्रम, गांधी जयंती, बाकी तय धार्मिक और राष्ट्रीय अवसरों पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक कुछ रिपोर्ट्स में नियमों को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे ये अफवाह फैल गई कि ड्राई डे हटाया जा रहा है. सरकार ने कहा कि ऐसी खबरें भ्रामक हैं और जनता को सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए.
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ड्राई डे क्या होता है?
ड्राई डे वो दिन होता है जब सरकार के आदेश के मुताबिक शराब की दुकानों, बार और होटलों में शराब बेचने पर रोक होती है. ये नियम देश में राष्ट्रीय पर्वों, धार्मिक त्योहारों और खास सामाजिक अवसरों पर लागू किया जाता है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके. महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी समर्थित सरकार है, इसलिए कुछ लोगों ने इस मुद्दे को राजनीति से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि ड्राई डे का फैसला राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक आधार पर होता है.
महाराष्ट्र सरकार की अपील
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. किसी भी जानकारी के लिए सिर्फ सरकारी नोटिफिकेशन और विश्वसनीय सूत्रों पर भरोसा करें. साथ ही सरकार के सभी नियमों का पालन करें. आपको बता दें कि साल 2026 में करीब 28 ड्राइ डे हैं, जिसमें 4 मार्च (होली), 21 मार्च (ईद), 26 मार्च (राम नवमी), 31 मार्च (महावीर जयंती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के साथ-साथ दीवाली, महाशिवरात्रि जैसे कई धार्मिक त्योहार शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: स्कूलों को क्यों चाहिए अल्पसंख्यक दर्जा? महाराष्ट्र में 75 शिक्षण संस्थानों की फाइलों पर धड़ाधड़ हुए साइन
बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ये चर्चा तेज थी कि महाराष्ट्र में होली, मुहर्रम और गांधी जयंती जैसे बड़े त्योहारों पर ड्राई डे खत्म कर दिया गया है और इन दिनों शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत मिल गई है. इन खबरों के सामने आने के बाद लोग काफी कन्फ्यूज हो गए थे. अब इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने सारी गलतफहमी दूर कर दी है. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि ड्राई डे को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया गया है और पहले से लागू नियम अब भी जारी हैं. यानी होली, मुहर्रम, गांधी जयंती, बाकी तय धार्मिक और राष्ट्रीय अवसरों पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक कुछ रिपोर्ट्स में नियमों को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे ये अफवाह फैल गई कि ड्राई डे हटाया जा रहा है. सरकार ने कहा कि ऐसी खबरें भ्रामक हैं और जनता को सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए.
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ड्राई डे क्या होता है?
ड्राई डे वो दिन होता है जब सरकार के आदेश के मुताबिक शराब की दुकानों, बार और होटलों में शराब बेचने पर रोक होती है. ये नियम देश में राष्ट्रीय पर्वों, धार्मिक त्योहारों और खास सामाजिक अवसरों पर लागू किया जाता है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके. महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी समर्थित सरकार है, इसलिए कुछ लोगों ने इस मुद्दे को राजनीति से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि ड्राई डे का फैसला राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक आधार पर होता है.
महाराष्ट्र सरकार की अपील
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. किसी भी जानकारी के लिए सिर्फ सरकारी नोटिफिकेशन और विश्वसनीय सूत्रों पर भरोसा करें. साथ ही सरकार के सभी नियमों का पालन करें. आपको बता दें कि साल 2026 में करीब 28 ड्राइ डे हैं, जिसमें 4 मार्च (होली), 21 मार्च (ईद), 26 मार्च (राम नवमी), 31 मार्च (महावीर जयंती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के साथ-साथ दीवाली, महाशिवरात्रि जैसे कई धार्मिक त्योहार शामिल हैं.
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