राजेंद्र पाल गौतम के इस्तीफे के बाद दिल्ली के नए मंत्री की रेस में कौन-कौन?
Edited By Amit Panday

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अमित पांडेय, नई दिल्ली: शपथ विवाद के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हिंदू देवी-देवताओं को ईश्वर ना मानने और उनकी पूजा ना करने की शपथ दिलाते हुए मंत्री का वीडियो वायरल होने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। पाल के पास समाज कल्याण मंत्रालय के अलावा एससी एसटी, महिला और बाल विकास, सहकारी समितियां और गुरुद्वारा चुनाव की जिम्मेदारी थी।
राजेंद्र पाल गौतम के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारे में नए चेहरों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि सरकार किसी दलित चेहरे को जगह दे सकती है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी में 12 दलित नेता है इसमें
1- सुल्तानपुर माजरा- मुकेश अहलावत (जाटव )
2- बवाना- जय भगवान (जाटव)
3- मंगोलपुरी- राखी बिडलान (वाल्मीकि )
4- मादीपुर- गिरीश सोनी (खटीक, जाटव )
5- अंबेडकर नगर- अजय दत्त (वाल्मीकि)
6- देवली- प्रकाश जारवाल ( भैरवा)
7- करोलबाग, विशेष रवि (जाटव)
8- पटेल नगर, राजकुमार आनंद ( रविदासिया )
9- गोकलपुर- सुरेन्द्र कुमार (रविदासिया)
10- कोंडली, कुलदीप कुमार (वाल्मीकि)
11- सीमापुरी- राजेन्द्र पाल गौतम ( जाटव )
12-त्रिलोकपुरी- रोहित महरोलिया ( वाल्मीकि )
इन नामों में जो नाम चर्चा में हैं उनमें करोल बाग से विशेष रवि, कोंडली से विधायक कुलदीप, पटेल नगर से विधायक राज कुमार आनंद और मंगोलपुरी से राखी बिड़लान शामिल हैं। हालांकि पार्टी की ओर से फिलहाल कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
विशेष रवि की संभावनायें इसलिये भी ज़्यादा है क्योंकि विशेष रवि लगातार पिछली तीन बार से विधायक है। विशेष रवि जाटव जाति से भी है। विधानसभा की कई समितियों के अध्यक्ष भी हैं और साथ ही अरविंद केजरीवाल के गुड बुक्स में भी शामिल है।
कुलदीप कोंडली से विधायक है और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के काफ़ी करीबी भी माने जाते है. पार्टी के प्रवक्ता पद पर भी है कुलदीप और दलितों के बीच काफ़ी चर्चित चेहरा भी है कुलदीप कुमार. ऐसे में माना जा रहा है कि कुलदीप के नाम पर मुहर लगने की संभावनायें सबसे ज़्यादा है.
राजकुमार आनंद बेहद गरीब तबके से आते है। एक ताला बनाने की फ़ैक्ट्री में मज़दूरी करते थे। 2013 में इनकी पत्नी आम आदमी पार्टी से विधायक रह चुकी हैं और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद भी माने जाते है।
मंगोलपुरी से तीन बार की विधायक राखी बिडलान दिल्ली विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद पर मौजूद है. राखी का नाम इसलिये भी चर्चाओं में है क्योंकि आम आदमी पार्टी की महिला नेताओं के बीच एक प्रमुख चेहरा हैं और लोकपाल आंदोलन के समय से ही अरविंद केजरीवाल से जुड़ी हुयी है ऐसे में अगर राखी बिडलान को मंत्री बनाया जाता है तो एक दलित चेहरे के साथ एक महिला चेहरा भी केजरीवाल कैबिनेट में शामिल हो जायेगा.
दिल्ली में 18 से 20% मतदाता दलित वर्ग से आते हैं और दिल्ली की 70 विधानसभाओं में से 12 सीट इस वर्ग के लिये आरक्षित हैं। गौरतलब है कि इन सभी 12 सीटों पर आम आदमी पार्टी का ही कब्ज़ा है।
यही वजह है कि पार्टी अपने इस बड़े वोट बैंक को साधने के लिये एक दलित चेहरे को ही कैबिनेट में हमेशा से जगह देती रही है और अब राजेन्द्र पाल गौतम के इस्तीफ़े के बाद से एक दलित चेहरे को ही मंत्री पद देने की संभावना प्रबल है।
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