कोलकाता के आरजीकर अस्पताल में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया है. दमदम निवासी अरुप बैनर्जी अपने बेटे का इलाज कराने पत्नी के साथ अस्पताल पहुंचे थे. रात करीब 3 बजे अरुप अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अस्पताल की लिफ्ट से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए सवार हुए. इसी दौरान लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह तेज गति से ऊपर-नीचे चलने लगी.
हालात बिगड़ते देख अरुप ने किसी तरह अपनी पत्नी और बच्चे को लिफ्ट से बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद बाहर नहीं निकल सके. आरोप है कि लिफ्ट लगातार अनियंत्रित होकर चलती रही और अंततः बेसमेंट में जा गिरी.
हादसे के बाद अरुप करीब डेढ़ घंटे तक बेसमेंट में घायल अवस्था में पड़े रहे, लेकिन उन्हें समय पर मदद नहीं मिल सकी. बाद में जब लोगों की भीड़ जुटी और उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और परिजनों व आम लोगों में आक्रोश देखने को मिला.
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इस हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अगर लिफ्ट में खराबी थी तो उसे बंद क्यों नहीं किया गया? लिफ्ट संचालन के दौरान कोई तकनीकी स्टाफ मौजूद क्यों नहीं था.
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है. यह हादसा न सिर्फ लापरवाही बल्कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है.
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