Supertech Twin Towers: рд╡рд┐рд╕реНрдлреЛрдЯ рд╕реЗ рдкрд╣рд▓реЗ 5000 рд▓реЛрдЧреЛрдВ рдФрд░ 1200 рд╡рд╛рд╣рдиреЛрдВ рдХреЛ рд╣рдЯрд╛рдпрд╛ рдЬрд╛рдПрдЧрд╛, рдЫрд╣ рджрд┐рди рд╣реИрдВ рд╢реЗрд╖

Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के लिए महज छह दिन शेष बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई 28 अगस्त को विशेषज्ञों की निगरानी में इमारत को धराशायी कर दिया जाएगा। इसके लिए विस्फोटक और पूरी रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। योजना […]

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने के लिए महज छह दिन शेष बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई 28 अगस्त को विशेषज्ञों की निगरानी में इमारत को धराशायी कर दिया जाएगा। इसके लिए विस्फोटक और पूरी रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। योजना के तहत ट्विन टावर के आसपास वाली इमारतों में रहने वाले करीब 5000 लोग और उनके 1200 वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

3500 किलो विस्फोटक से ध्वस्त होगी 100 मीटर ऊंची इमारत

आपको बता दें कि करीब 3,500 किलोग्राम विस्फोटक से सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने का काम जोरों पर चल रहा है। जमीन से करीब 100 मीटर ऊंचे दोनों इमारतों के अवैध ढांचों को गिराने के लिए डिमोलिशन विशेषज्ञ इंजीनियरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के जेट डिमोलिशन के साथ एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इमारत में छेद करके विस्फोटक लगा रही है। कंपनी का चयन नोएडा विकास प्राधिकरण और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (रुड़की) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

आसान नहीं होता बहु-मंजिला इमारतों को गिराना

विशेषज्ञों का कहना है कि एक बहु-मंजिला इमारत को गिराना आसान काम नहीं है। इसके लिए एक वृहद योजना की जरूरत होती है, जिससे आसपास के इलाका और वहां रहने वाले लोगों को कोई दिक्कत न हो, क्योंकि बहु-मंजिला इमारतों को गिराने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों का कहना है कि इमारत को ढहने में गुरुत्वाकर्षण की भी अहम भूमिका होती है। इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ढांचे को गिराने वाली कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी पूरी तैयारी के साथ काम में जुटे हैं।

आसपास की इमारतों में लगाई गई अलग धातु की चादरें

30 मंजिला ट्विन टावरों के धराशायी होते समय उठने वाले धूल के गुबार और मलबे से बचने के लिए आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में जियोटेक्सटाइल फैब्रिक की चादरें लगाई गई हैं। खास तौर पर ट्विन टावर के पास वाली चार इमारतों को ढका गया है। वहीं मलबा और विस्फोट से उठने वाली धूल से लोगों को बचाने के लिए एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के 5,000 से अधिक लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। वहीं ट्विन टावरों के आसपास रहने वाले लोगों के करीब 1200 वाहनों को भी हटाया जाना है।

28 अगस्त को दोपहर में बंद रहेगा नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे

28 अगस्त को ट्विन टावरों के पास से गुजरने वाले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को दोपहर 2.15 बजे से दोपहर 2.45 बजे तक वाहनों के लिए बंद किया जाएगा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत में भवन मानदंडों के उल्लंघन के लिए तीन महीने के भीतर निर्माणाधीन टावरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। साथ ही शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया था कि बुकिंग के समय से घर खरीदारों की पूरी राशि 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस की जाए। एमराल्ड कोर्ट परियोजना के आरडब्ल्यूए को ट्विन टावरों के निर्माण के कारण हुई परेशानी के लिए दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए।

First published on: Aug 22, 2022 02:28 PM

End of Article

About the Author

Naresh Chaudhary

рдирд░реЗрд╢ рдХреБрдорд╛рд░ рдиреНрдпреВрдЬ 24 рд╡реЗрдмрд╕рд╛рдЗрдЯ рдореЗрдВ рд╕реАрдирд┐рдпрд░ рд╕рдм-рдПрдбрд┐рдЯрд░ рдХреЗ рдкрдж рдкрд░ рдХрд╛рд░реНрдпрд░рдд рд╣реИрдВред рдкрд┐рдЫрд▓реЗ 10 рд╡рд░реНрд╖реЛрдВ рд╕реЗ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдХреНрд╖реЗрддреНрд░ (рдкреНрд░рд┐рдВрдЯ рдФрд░ рдбрд┐рдЬрд┐рдЯрд▓) рдореЗрдВ рдХрд╛рдо рдХрд░ рд░рд╣реЗ рд╣реИрдВред рдореВрд▓рд░реВрдк рд╕реЗ рдордереБрд░рд╛ (рдЙрддреНрддрд░ рдкреНрд░рджреЗрд╢) рдХреЗ рд░рд╣рдиреЗ рд╡рд╛рд▓реЗ рд╣реИрдВред рдЕрд▓реАрдЧрдврд╝ рд╕реЗ рдкрддреНрд░рдХрд╛рд░рд┐рддрд╛ рдореЗрдВ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди рдФрд░ рдкреЛрд╕реНрдЯ рдЧреНрд░реЗрдЬреБрдПрд╢рди рдХрд░рдиреЗ рдХреЗ рдмрд╛рдж рдЕрдкрдиреЗ рдХрд░рд┐рдпрд░ рдХреА рд╢реБрд░реБрдЖрдд рд╡рд░реНрд╖ 2012 рдореЗрдВ рдЕрдорд░ рдЙрдЬрд╛рд▓рд╛ рдкрдмреНрд▓рд┐рдХреЗрд╢рди (рдиреЛрдПрдбрд╛) рд╕реЗ рдХреАред рдЗрд╕рдХреЗ рдмрд╛рдж рд╣рд┐рдиреНрджреБрд╕реНрддрд╛рди рд╕рдорд╛рдЪрд╛рд░ рдкрддреНрд░ (рдЖрдЧрд░рд╛) рдореЗрдВ рдЕрдкрдиреА рд╕реЗрд╡рд╛рдПрдВ рджреАрдВред рдкреНрд░рд┐рдВрдЯ рдореАрдбрд┐рдпрд╛ рдореЗрдВ рд░рд╣рддреЗ рд╣реБрдП рдХреНрд░рд╛рдЗрдо рдмреАрдЯ рдФрд░ рдиреНрдпреВрдЬ рдПрдбрд┐рдЯрд┐рдВрдЧ рдореЗрдВ рдХрд╛рдлреА рд▓рдВрдмреЗ рд╕рдордп рддрдХ рдХрд╛рдо рдХрд┐рдпрд╛ред

Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ