Ayodhya News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में एकाएक सामने आया मुख्यमंत्री योगी की मूर्ति वाला मंदिर (Yogi Adityanath temple) फिर से सुर्खियों में है। इस बार की वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। मंदिर को बनाने वाला व्यक्ति (Prabhakar Maurya) और मंदिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा (CM Yogi statue) दोनों रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं। घटना रविवार की ही बताई जा रही है। गांव वालों का कहना है कि दोपहर में एक नीली बत्ती लगी पुलिस की गाड़ी गांव में आई थी। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें मूर्ति के बारे में जानकारी नहीं है। मंदिर बनाने वाले शख्स का मोबाइल भी बंद है।

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गांव मौर्या का पुरवा में बनाया था सीएम योगी का मंदिर

जानकारी के मुताबिक यह मंदिर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर से 15 किमी दूर स्थित गांव मौर्या का पुरवा में स्थापित किया था। कभी योगी आदित्यनाथ के प्रचारक रहे प्रभाकर मौर्य ने बताया था कि उन्होंने संकल्प लिया था, जो भी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराएगा, वह उसका मंदिर अपने गांव में बनवाएंंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रभाकर मौर्या ने इस मंदिर को बनवाने में करीब साढ़े आठ लाख रुपये खर्च किए थे। यहां राजस्थान की एक मूर्ति फर्म को ऑर्डर देकर सीएम योगी की भगवान राम के लुक वाली मूर्ति बनवा कर स्थापित की गई थी।

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रविवार को लापता हो गए दोनों, मचा हड़कंप

रविवार को यह मंदिर फिर से चर्चाओं में आ गया। प्रभाकर मौर्या के चाचा रामनाथ मौर्या ने बताया कि दोपहर में नीली बत्ती लगी पुलिस की एक गाड़ी मंदिर के पास आई थी। गाड़ी में से उतरे लोग मूर्ति को अपने साथ ले गए हैं। वहीं संबंधित थाना पूराकलंदर के प्रभारी राजेश सिंह का कहना है कि उन्हें मूर्ति के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। हैरान कर देने वाली बात यह भी है कि मंदिर को बनाने वाला प्रभाकर मौर्या भी तभी से लापता है।

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इसके बाद गांव में आई तहसील की टीम, पैमाइश की

थाना प्रभारी ने बताया कि आशंका है, प्रभाकर अपने साथ मूर्ति को कहीं ले गया है। हालांकि प्रभाकर का मोबाइल फोन भी बंद है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। वहीं मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को संबंधित तहसील की टीम भी गांव में पहुंची। टीम ने मंदिर समेत आसपास के इलाके की पैमाइश की है। मूर्ति और प्रभाकर मौर्या के एक साथ रहस्यमय तरीके से गायब होना और तहसील की टीम का गांव में आकर पैमाइश करना किस प्रकार की घटना है, यह किसी की समझ में नहीं आ रही है, लेकिन मंदिर और मंदिर को बनाने वाला एक बार फिर से चर्चाओं में है।

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लेख समाप्त
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