Wolves Attack News: बहराइच के महसी तहसील में भेड़ियों का एक झुंड लोगों पर हमले कर रहा है। भेड़ियों के हमलों से अब तक कई बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। पूरे इलाके में भेड़ियों का खौफ छाया हुआ है, इससे निजात दिलाने के लिए वन विभाग एक खास मुहिम चला रहा है। बाराबंकी के आईएफएस अधिकारी आकाशदीप बधावन इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे हैं। वन विभाग भेड़ियों को भगाने के लिए हाथी के गोबर और यूरिन का इस्तेमाल कर रहा है।
करीब 40 दिनों से बहराइच में खूंखार भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है। ये भेड़िए रात के अंधेरे में बच्चों को उठा ले जा रहे हैं। इसपर आकाशदीप बधावन ने कहा, हमने ड्रोन का उपयोग करके छह भेड़ियों की पहचान की। इनमें से तीन को पहले ही पकड़ लिया गया है। अब बाकियों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
हाथी के गोबर और यूरीन का ले रहे सहारा
वन विभाग का सबसे पहला काम है कि वो भेड़ियों को रिहाईशी इलाकों से दूर रखें। इसके लिए एक उन्होंने एक खास प्लान तैयार किया है। इसमें हाथी के गोबर को जला कर उससे इलाके में धुआं फैलाया जा रहा है। इससे भेड़ियों को उनके आसपास हाथियों के होने का आभास होगा। भेड़िये हाथी जैसे बड़े जानवरों से दूर भागते हैं। वन विभाग इस तरकीब से भेड़ियों को रिहाइशी इलाकों से दूर भगाना चाहता है। वन विभाग ने इसके साथ-साथ कई जगह पर भेड़ियों के लिए जाल भी बिछाए हैं।
40 दिनों में 30 हमले
प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि भेड़िए मार्च से महसी तहसील के लगभग दो दर्जन गांवों पर हमला कर रहे हैं। ये पिछले 40 दिनों में लगभग 30 हमले कर चुके हैं। जिसमें अब तक पांच बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं, और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भेड़िये एक खास पैटर्न का पालन करते हैं क्योंकि वे अपने घरों में सो रहे बच्चों पर हमला करते हैं और उन्हें मारने और उनके शरीर के अंगों को खाने के लिए ऐसे इलाके में लेकर जाते हैं जहां पर कोई ना हो।
गश्त बढ़ाई गई
वन विभाग, पुलिस और स्थानीय निवासियों द्वारा रात में गश्त बढ़ाए जाने के बाद भेड़ियों ने अपने हमले के समय में बदलाव किया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और स्थानीय टीमें चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को अपने बच्चों को घर के अंदर रखने और समूहों में गश्त करने की सलाह दी जा रही है। भेड़ियों को पकड़ने के लिए 16 अधिकारियों की एक टीम तैनात है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए 40 जगह पर सोलर स्ट्रीट लाइटें और 10 जगह पर बड़ी बड़ी लाइटें लगाई जाएंगी।