पार्टनर की तलाश Tiger को ले आई 2 हजार KM दूर, जंगल में भटकता दिखा, 35 लोग तलाश करने में जुटे
Royal Bengal Tiger In Odisha: 4 राज्यों में घूमता हुआ टाइगर महाराष्ट्र से ओडिशा तक पहुंचा। इसका पता तब चला, जब उसे लोगों ने जंगल के पास भटकते देखा, जानिए फिर क्या हुआ?
Edited By : Khushbu Goyal|Updated: Nov 25, 2023 08:19
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टाइगर के लिए एक वयस्क हिरण का शिकार एक सप्ताह का भोजन दे सकता है। फाइल फोटो
Royal Bengal Tiger Travels 2000 Kilometer: जीवनसाथी और नए घर की तलाश एक टाइगर को 2 हजार किलोमीटर दूर ले गई। 4 राज्यों में घूमता हुआ टाइगर महाराष्ट्र से ओडिशा तक पहुंचा। इसका पता तब चला, जब उसे लोगों ने जंगल के पास भटकते देखा। उसने एक गाय को भी अपना शिकार बनाया। वहीं टाइगर को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। उन्होंने तुंरत वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर को लोकेट किया। उसकी तस्वीरें और अन्य जानकारियां भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी गई हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह टाइगर ओडिशा में कहां से आया। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। वहीं 35 लोगों की 5 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, ताकि उसे काबू किया जा सके।
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के परलाखेमुंडी डिवीज़न के वन अधिकारी एस. आनंद ने बताया कि इस मेल टाइगर के शरीर पर जो धारियां हैं, वह पैटर्न महाराष्ट्र के जंगल में स्पॉट हुए टाइगर के शरीर पर भी था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह करीब 2 हजार किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहां आया है। उसने एक गाय पर हमला करके उसे मार दिया। जंगल से सटे अनलाबारा गांव के लोगों ने उसे देखा और वे अब दहशत में हैं। वैसे टाइगर को पहली बार जून 2023 में राज्य के जंगलों में देखा गया था। यह तब से कभी ओडिशा के रायगढ़ा डिवीजन में दिखा तो कभी आंध्र प्रदेश के एरिया में घूमता रहा। सितंबर में गजपति जिले के पारलाखेमुंडी वन में इसने एंट्री की। 18 अक्टूबर को बाघ ने एक गाय को शेड से खींच लिया। गाय के मालिक को उसका आधा खाया हुआ अवशेष मिला।
पिछले एक महीने में 500KM सफर किया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 30 सालों से गजपति में किसी बाघ के देखे जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए संदेह हुआ कि गाय का शिकार करने वाला बाघ या तेंदुआ था। पुख्ता जानकारी के लिए कैमरा ट्रैप लगाया और उसकी तस्वीरें खींची गईं। वन विभाग ने तस्वीरें देहरादून में भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजीं और उन्होंने पुष्टि की कि महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी वन विभाग द्वारा पहले ली गई टाइगर की तस्वीर से यह तस्वीर मेल खाती है। टाइगर ने ओडिशा पहुंचने के लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ को क्रॉस किया होगा। पिछले एक महीने में टाइगर ने 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है। पारलाखेमुंडी से श्रीकाकुलम, फिर इच्छापुरम और पारलाखेमुंडी लौट आया है। वन अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है, जब कोई बाघ महाराष्ट्र से ओडिशा पहुंचा है।
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Royal Bengal Tiger Travels 2000 Kilometer: जीवनसाथी और नए घर की तलाश एक टाइगर को 2 हजार किलोमीटर दूर ले गई। 4 राज्यों में घूमता हुआ टाइगर महाराष्ट्र से ओडिशा तक पहुंचा। इसका पता तब चला, जब उसे लोगों ने जंगल के पास भटकते देखा। उसने एक गाय को भी अपना शिकार बनाया। वहीं टाइगर को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। उन्होंने तुंरत वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर को लोकेट किया। उसकी तस्वीरें और अन्य जानकारियां भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी गई हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह टाइगर ओडिशा में कहां से आया। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। वहीं 35 लोगों की 5 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, ताकि उसे काबू किया जा सके।
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के परलाखेमुंडी डिवीज़न के वन अधिकारी एस. आनंद ने बताया कि इस मेल टाइगर के शरीर पर जो धारियां हैं, वह पैटर्न महाराष्ट्र के जंगल में स्पॉट हुए टाइगर के शरीर पर भी था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह करीब 2 हजार किलोमीटर दूर महाराष्ट्र से यहां आया है। उसने एक गाय पर हमला करके उसे मार दिया। जंगल से सटे अनलाबारा गांव के लोगों ने उसे देखा और वे अब दहशत में हैं। वैसे टाइगर को पहली बार जून 2023 में राज्य के जंगलों में देखा गया था। यह तब से कभी ओडिशा के रायगढ़ा डिवीजन में दिखा तो कभी आंध्र प्रदेश के एरिया में घूमता रहा। सितंबर में गजपति जिले के पारलाखेमुंडी वन में इसने एंट्री की। 18 अक्टूबर को बाघ ने एक गाय को शेड से खींच लिया। गाय के मालिक को उसका आधा खाया हुआ अवशेष मिला।
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पिछले एक महीने में 500KM सफर किया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 30 सालों से गजपति में किसी बाघ के देखे जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए संदेह हुआ कि गाय का शिकार करने वाला बाघ या तेंदुआ था। पुख्ता जानकारी के लिए कैमरा ट्रैप लगाया और उसकी तस्वीरें खींची गईं। वन विभाग ने तस्वीरें देहरादून में भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजीं और उन्होंने पुष्टि की कि महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी वन विभाग द्वारा पहले ली गई टाइगर की तस्वीर से यह तस्वीर मेल खाती है। टाइगर ने ओडिशा पहुंचने के लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ को क्रॉस किया होगा। पिछले एक महीने में टाइगर ने 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है। पारलाखेमुंडी से श्रीकाकुलम, फिर इच्छापुरम और पारलाखेमुंडी लौट आया है। वन अधिकारियों ने कहा कि यह पहली बार है, जब कोई बाघ महाराष्ट्र से ओडिशा पहुंचा है।
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