Sinking Joshimath: उत्तराखंड (Uttarakhand) के जोशीमठ (Joshimath) को बचाने के लिए प्रदेश सरकार, विपक्ष, राज्य और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां जुट गई हैं। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) के प्रधान सचिव पीके मिश्रा (Principal Secretary to Prime Minister PK Mishra) की ओर से जोशीमठ की स्थिति को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई है।
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PMO ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के दौरान उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जोशीमठ से पीएओ को जानकारी दी। वहीं सीमा प्रबंधन सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सोमवार को उत्तराखंड का दौरा करेंगे।
https://twitter.com/ANI/status/1612063971976306688
उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा को जोशीमठ समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारत सरकार की एजेंसियां, विशेषज्ञ समेत अन्य पक्ष राज्य सरकार की सहायता कर रहे हैं। एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की चार टीमें पहले ही जोशीमठ पहुंच चुकी हैं।
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https://twitter.com/ANI/status/1612063969434558464
ये संस्थाएं करेंगी गहन अध्ययन
इस बैठक के बाद तय हुआ है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की टीमें अध्ययन के बाद अपनी सिफारिशें देंगी।
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https://twitter.com/ANINewsUP/status/1612040141811617794
इस आपदा में हम सरकार और लोगों के साथः रावत
इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बताया कि जोशीमठ के अस्तित्व, निवासियों के जीवन और आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। हम उनके साथ खड़े हैं। इसके अलावा हम इस चुनौती में सरकार और मुख्यमंत्री के साथ हैं। इसमें थोड़ी देरी हुई है, लेकिन अगर हम तत्परता से काम करते हैं और केंद्र अपनी पूरी ताकत लगाता है तो निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। जोशीमठ को बचाना राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए।
रावत ने बताया कि यदि विशेषज्ञ कहते हैं कि सुरंग या अन्य कारक इसके कारण हैं, तो उन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। चीजों को नए सिरे से उठाया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की समिति बनाई जानी चाहिए और सभी के साथ निरंतर परामर्श से सुधार किया जाना चाहिए।
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पीएम मोदी ने सीएम धामी से फोन पर की बात
उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि पीएम मोदी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों और समस्या के समाधान के लिए तत्काल और दीर्घकालिक कार्य योजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
कार्यालय की ओर से बताया गया है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से जोशीमठ की स्थिति और सरकार की ओर से किए जा रहे सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही जोशीमठ को बचाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
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PMO ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई
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उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा को जोशीमठ समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारत सरकार की एजेंसियां, विशेषज्ञ समेत अन्य पक्ष राज्य सरकार की सहायता कर रहे हैं। एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की चार टीमें पहले ही जोशीमठ पहुंच चुकी हैं।
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ये संस्थाएं करेंगी गहन अध्ययन
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इस आपदा में हम सरकार और लोगों के साथः रावत
इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बताया कि जोशीमठ के अस्तित्व, निवासियों के जीवन और आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। हम उनके साथ खड़े हैं। इसके अलावा हम इस चुनौती में सरकार और मुख्यमंत्री के साथ हैं। इसमें थोड़ी देरी हुई है, लेकिन अगर हम तत्परता से काम करते हैं और केंद्र अपनी पूरी ताकत लगाता है तो निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। जोशीमठ को बचाना राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए।
रावत ने बताया कि यदि विशेषज्ञ कहते हैं कि सुरंग या अन्य कारक इसके कारण हैं, तो उन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए। चीजों को नए सिरे से उठाया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की समिति बनाई जानी चाहिए और सभी के साथ निरंतर परामर्श से सुधार किया जाना चाहिए।
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पीएम मोदी ने सीएम धामी से फोन पर की बात
उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है कि पीएम मोदी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों और समस्या के समाधान के लिए तत्काल और दीर्घकालिक कार्य योजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
कार्यालय की ओर से बताया गया है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से जोशीमठ की स्थिति और सरकार की ओर से किए जा रहे सुरक्षा कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही जोशीमठ को बचाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
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