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UP News: वर्ष 2008 में 26/11 को मुंबई हमले में आतंकवादी अजमल कसाब और अबू इस्माइल से सीधी टक्कर लेने वाले आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर जिल्लू यादव (65 वर्ष) का बुधवार को वाराणसी में निधन हो गया। जिल्लू यादव सेवानिवृत्त होने के बाद वाराणसी में अपने पैतृक गांव चोलापुर में परिवार के साथ रहते थे। उनके निधन पर पूरे इलाके में शोक की लहर है।

रिटायरमेंट के बाद वाराणसी में परिवार के साथ रहते थे

जिल्लू यादव के भाई महेंद्र यादव ने बताया कि पांच साल पहले वह रेलवे सुरक्षा बल से रिटायर हुए थे। इसके बाद से वह वाराणसी के चोलापुर स्थित गांन मोहाव में अपने संयुक्त परिवार के साथ रहते थे। यहां उनकी पत्नी और चार बेटें रहते हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्हें बुधवार को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके कारण उनका निधन हो गया।

.303 की रायफल लेकर भिड़ गए थे कसाब से

महेंद्र यादव ने बताया कि भाई जिल्लू बहादुर सैनिक थे। पुरानी यादें ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि 2008 में 26/11 के दिन आतंकी अजमल कसाब और अबू इस्माइल ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) में घुसते ही लोगों पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। जिल्लू यादव उसी स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात थे। तभी उन्होंने एक सिपाही से .303 की रायफल लेकर आतंकियों से टक्कर ली।

दोनों आतंकियों को सीएसटी स्टेशन से भगाया था

अचानक हुई जवाबी फायरिंग ने दोनों आतंकियों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया था। इसके बाद दोनों आतंकी वहां से भागकर कामा अस्पताल की ओर से चले गए। महेंद्र ने बताया कि भाई जिल्लू को हमेशा इस बात का दुख सताता था कि काश ने उन दोनों आतंकियों को वहीं मार गिराते तो 50 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जान जाने से बच जाती।

राष्ट्रपति से मिला था पुलिस पदक

जिल्लू यादव की इस बहादुरी के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक और 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया था। बताया कि जिल्लू यादव उन लोगों में भी शामिल थे, जिन्होंने 2010 में मुंबई यात्रा के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की थी। परिवार के लोगों ने बताया कि जिल्लू यादव मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके सबसे छोटे बेटे राकेश यादव ने चिता को मुखाग्नि दी।

First published on: Dec 01, 2022 02:27 PM

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Naresh Chaudhary

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