UP Police Bharti Paper Leak Case: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा को हटा दिया है। उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है। उनकी जगह डीजी विजिलेंस के पद पर तैनात राजीव कृष्णा को भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है, जो 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं।
https://twitter.com/ANI/status/1764876688200987000
17-18 फरवरी को 60 हजार 244 पदों पर हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि 17 और 18 फरवरी को 60 हजार 244 पदों पर पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी, जिसका पेपर लीक होने पर जमकर बवाल हुआ था। पूरे प्रदेश में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। सीएम योगी ने 6 महीने के अंदर परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने का आदेश दिया।
पुलिस भर्ती परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हुए शामिल
बता दें कि 17-18 फरवरी को हुई
पुलिस भर्ती परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिन पदों पर भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें जनरल के 24102, EWS के 6024, OBC के 16264, SC के 12650 और ST के 1204 पद शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। परीक्षा के दिन 287 सॉल्वर और उनकी गैंग से जुड़े लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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100-100 रुपये में बांटे जा रहे थे पेपर
छात्रों ने आरोप लगाया था कि परीक्षा से एक दिन पहले से पेपर वाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुपों में वायरल हो रहा था। इन पेपरों को 100-100 रुपये में बेचा जा रहा था। बोर्ड को पेपर लीक की कुल 1500 शिकायतें मिली थीं।
सीएम योगी ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
बता दें कि 24 फरवरी को
सीएम योगी ने पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि छह महीने के अंदर परीक्षा को दोबारा कराने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेपर लीक कराने के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/1761304961105740152
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17-18 फरवरी को 60 हजार 244 पदों पर हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि 17 और 18 फरवरी को 60 हजार 244 पदों पर पुलिस भर्ती परीक्षा हुई थी, जिसका पेपर लीक होने पर जमकर बवाल हुआ था। पूरे प्रदेश में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। सीएम योगी ने 6 महीने के अंदर परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने का आदेश दिया।
पुलिस भर्ती परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हुए शामिल
बता दें कि 17-18 फरवरी को हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिन पदों पर भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें जनरल के 24102, EWS के 6024, OBC के 16264, SC के 12650 और ST के 1204 पद शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। परीक्षा के दिन 287 सॉल्वर और उनकी गैंग से जुड़े लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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100-100 रुपये में बांटे जा रहे थे पेपर
छात्रों ने आरोप लगाया था कि परीक्षा से एक दिन पहले से पेपर वाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुपों में वायरल हो रहा था। इन पेपरों को 100-100 रुपये में बेचा जा रहा था। बोर्ड को पेपर लीक की कुल 1500 शिकायतें मिली थीं।
सीएम योगी ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
बता दें कि 24 फरवरी को सीएम योगी ने पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि छह महीने के अंदर परीक्षा को दोबारा कराने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेपर लीक कराने के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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