यूपी के श्रमिकों के लिए आ गई नई गाइडलाइन, बच्चों की पढ़ाई से लेकर पेंशन तक; मिलेंगी कई सुविधाएं
उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान कर दी है. अब मजदूरों को पेंशन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और आर्थिक सहायता जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 13, 2026 18:40
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 13, 2026 18:40
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यूपी के श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी.
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
उत्तर प्रदेश श्रमिक पंजीकरण अपडेट
उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे अधिक मजदूर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें.
पंजीकरण के लिए अब केवल आधार कार्ड और पिछले एक साल में 90 दिन काम करने का प्रमाण आवश्यक है.
पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा सहायता और बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
योजनाओं का उद्देश्य और पात्रता
18 से 60 वर्ष आयु के निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीकरण के पात्र होंगे.
UP News: उत्तर प्रदेश में लाखों निर्माण श्रमिक अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. तेज धूप, बारिश और मुश्किल परिस्थितियों में काम करने वाले इन श्रमिकों के लिए अब सरकार ने राहत भरा कदम उठाया है. प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान बना दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मजदूर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें. अब सिर्फ आधार कार्ड और पिछले एक साल में 90 दिन काम करने के प्रमाण के आधार पर निर्माण श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगे. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
पंजीकरण के बाद मिलेंगी कई जरूरी और लाभकारी सुविधाएं
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से पंजीकृत श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. इनमें पेंशन योजना, मुफ्त या सस्ती चिकित्सा सुविधा, बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा मातृत्व सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी योजनाएं भी श्रमिक परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेंगी. सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों के परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनें और उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके. बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे.
आसान हुई प्रक्रिया
जानकारी की कमी के कारण अभी भी बड़ी संख्या में श्रमिक सरकारी योजनाओं से दूर हैं. इसी समस्या को देखते हुए श्रम विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया है. अब विभाग की ओर से अलग-अलग निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं, जहां श्रमिक तुरंत अपना पंजीकरण करा सकते हैं. प्रदेश में अब तक करोड़ों निर्माण श्रमिकों और लाखों निर्माण स्थलों का पंजीकरण किया जा चुका है, लेकिन सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र श्रमिक इस सुविधा से वंचित न रहे.
बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की सुरक्षा तक मिलेगा सहारा
सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में अटल आवासीय विद्यालय योजना भी शामिल है, जहां निर्माण श्रमिकों के हजारों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इसके साथ ही जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, संमातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. श्रम विभाग ने यह भी साफ किया है कि योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगता है, तो उसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805412 पर की जा सकती है. सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे.
UP News: उत्तर प्रदेश में लाखों निर्माण श्रमिक अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं. तेज धूप, बारिश और मुश्किल परिस्थितियों में काम करने वाले इन श्रमिकों के लिए अब सरकार ने राहत भरा कदम उठाया है. प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान बना दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मजदूर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें. अब सिर्फ आधार कार्ड और पिछले एक साल में 90 दिन काम करने के प्रमाण के आधार पर निर्माण श्रमिक आसानी से अपना पंजीकरण करा सकेंगे. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
पंजीकरण के बाद मिलेंगी कई जरूरी और लाभकारी सुविधाएं
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से पंजीकृत श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. इनमें पेंशन योजना, मुफ्त या सस्ती चिकित्सा सुविधा, बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा मातृत्व सहायता, स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी योजनाएं भी श्रमिक परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेंगी. सरकार का उद्देश्य है कि श्रमिकों के परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनें और उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके. बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे.
आसान हुई प्रक्रिया
जानकारी की कमी के कारण अभी भी बड़ी संख्या में श्रमिक सरकारी योजनाओं से दूर हैं. इसी समस्या को देखते हुए श्रम विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया है. अब विभाग की ओर से अलग-अलग निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं, जहां श्रमिक तुरंत अपना पंजीकरण करा सकते हैं. प्रदेश में अब तक करोड़ों निर्माण श्रमिकों और लाखों निर्माण स्थलों का पंजीकरण किया जा चुका है, लेकिन सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र श्रमिक इस सुविधा से वंचित न रहे.
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बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की सुरक्षा तक मिलेगा सहारा
सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में अटल आवासीय विद्यालय योजना भी शामिल है, जहां निर्माण श्रमिकों के हजारों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इसके साथ ही जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, संमातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. श्रम विभाग ने यह भी साफ किया है कि योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगता है, तो उसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805412 पर की जा सकती है. सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे.