उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं. भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. पार्टी ने गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी के लिए 33 विधानसभा सीटों की प्राथमिक सूची तैयार की है. सुभासपा की यह कवायद एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
पंचायती राज मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की पार्टी ने जिन सीटों को अपनी दावेदारी में शामिल किया है, उनमें भाजपा के कब्जे वाली सीटों के साथ एनडीए के दूसरे सहयोगी दल निषाद पार्टी की सीटें भी हैं. पार्टी ने इन सीटों का चयन केवल राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय जातीय समीकरण और चुनाव को प्रभावित करने वाले दूसरे कारकों के अध्ययन के बाद किया है.
---विज्ञापन---
सुभासपा की लिस्ट में भाजपा की सीटें भी शामिल
सुभासपा की लिस्ट में भाजपा की जीती हुई नौ विधानसभा सीटें शामिल हैं. इनमें वाराणसी की अजगरा और शिवपुर, कुशीनगर की रामकोला, देवरिया की रामपुर कारखाना, संतकबीर नगर की घनघटा, हरदोई की संडीला, बलरामपुर की उतरौला, बहराइच की बलहा और सीतापुर की महोली सीट शामिल है.
इसके अलावा सुभासपा ने एनडीए के एक अन्य सहयोगी दल निषाद पार्टी की दो सीटों पर भी अपनी नजरें गड़ा दी हैं. इनमें मीरजापुर जिले की मझवा और कुशीनगर की खड्डा विधानसभा सीट शामिल है. यानी पार्टी ने गठबंधन के भीतर अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में अभी से तैयारी शुरू कर दी है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें- PA के घर से जब्त हुआ सोना और कैश तो हरीश रावत ने छोड़े कांग्रेस में पद, कहा- कहीं पार्टी की लड़ाई कमजोर ना पड़ जाए
सुभासपा ने तैयार की 33 सीटों की लिस्ट
खास बात यह है कि 33 सीटों की लिस्ट में सुभासपा ने अपनी मौजूदा छह विधानसभा सीटों के अलावा समाजवादी पार्टी के कब्जे वाली 14 सीटों को भी शामिल किया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी केवल अपने पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नए इलाकों में भी संगठन और सामाजिक समीकरणों के आधार पर चुनावी विस्तार की कोशिश कर रही है.
---विज्ञापन---
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओबीसी और विशेष रूप से राजभर मतदाताओं के बीच सुभासपा की भूमिका को देखते हुए इन सीटों पर उसकी दावेदारी एनडीए के लिए भी अहम होगी. हालांकि अंतिम सीट बंटवारा भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच बातचीत के बाद ही तय होगा. फिलहाल सुभासपा ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए 33 सीटों की लिस्ट तैयार कर दी है.
---विज्ञापन---