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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

‘प्रशासन ने मेरे बेटे को भगवान भरोसे छोड़ दिया’, इंजीनियर युवराज की मौत पर पिता का छलका दर्द

नोएडा इंजीनियर युवराज की मौत के बाद उनके पिता ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण उनका बेटा दो घंटे तक तड़पता रहा और जान गंवा दी.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 24, 2026 19:09

ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद उनके पिता राजकुमार मेहता ने अपना दुख साझा करते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों की वजह से उनके बेटे की जान गई है जो समय रहते बचाई जा सकती थी. राजकुमार मेहता ने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस दुख की घड़ी में उनका साथ दिया और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाई. उनका कहना है कि इस समर्थन ने उन्हें टूटने से बचाया और दोषियों के खिलाफ लड़ने की हिम्मत दी है ताकि भविष्य में किसी और पिता को अपना बेटा न खोना पड़े.

दो घंटे तक मौत से जूझता रहा बहादुर बेटा

युवराज के पिता ने बताया कि उनका बेटा बहुत बहादुर था और पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद भी उसने हार नहीं मानी थी. वह करीब दो घंटे तक अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा और रेस्क्यू टीम को उसे बचाने का पूरा मौका दिया था. लेकिन बचाव दल ने घोर लापरवाही दिखाई और उसे समय पर बाहर निकालने के बजाय भगवान के भरोसे छोड़ दिया. राजकुमार मेहता का मानना है कि अगर रेस्क्यू ऑपरेशन सही तरीके से और गंभीरता से चलाया जाता तो युवराज को आसानी से सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता था. प्रशासन की इसी सुस्ती ने एक होनहार नौजवान की जिंदगी खत्म कर दी.

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एसआईटी जांच से न्याय की उम्मीद

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले में एसआईटी यानी विशेष जांच टीम गठित करने के फैसले का राजकुमार मेहता ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि हालांकि उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा और उसके बिना उन्हें कभी पूरा न्याय नहीं मिल सकता लेकिन वे दोषियों को सलाखों के पीछे जरूर देखना चाहते हैं. उन्होंने सरकार से अपील की है कि जांच के दौरान किसी भी गुनहगार को छोड़ा न जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. पिता का कहना है कि सजा ऐसी होनी चाहिए जो नजीर बने ताकि कोई भी विभाग और उसके कर्मचारी अपनी ड्यूटी में इस तरह की लापरवाही दोबारा न बरतें.

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भविष्य में न हो कोई दूसरा ‘युवराज’ हादसा

राजकुमार मेहता ने भावुक होते हुए कहा कि उनका संघर्ष अब केवल अपने बेटे के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए है. वे चाहते हैं कि इस पूरे मामले की जवाबदेही तय हो और संबंधित विभागों के गैर-जिम्मेदार स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाए. उनकी मांग है कि सड़कों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम बनाए जाएं ताकि किसी और परिवार को इस तरह की तबाही का सामना न करना पड़े. देश की जनता और मीडिया द्वारा उनकी बात को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया. अब सबकी नजरें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि इस प्रशासनिक चूक का असली जिम्मेदार कौन है.

First published on: Jan 24, 2026 07:09 PM

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