उत्तर प्रदेश के सौरभ राजपूत मर्डर केस के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिल चुके हैं। ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस दोनों को लेकिन क्राइम स्पॉट पर पहुंची थी। पुलिस ने उस कमरे और बाथरूम से सभी सबूत जुटा लिए हैं, जहां वारदात अंजाम दी गई। पुलिस ड्रम, सौरभ की डेड बॉडी के टुकड़े, हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए दोनों चाकू, खून से सनी चादर, वह बेड जिस पर लेटे सौरभ के सीने में चाकू उतारा गया।
बेड पर मिला मिक्सी का जार, बाथरूम में खून के धब्बे, मुस्कान का हैंडबैग, सूटकेस, कपड़े, कागजात, तकिए पर, बाथरूम की टाइल्स पर और टब से पर लगे खून के धब्बे भी कब्जे में लेकर जांच के लिए SFL लैब भेजे गए हैं। पुलिस के कमरे में जो सूटकेस मिला है, उस पर खून के धब्बे मिले हैं। पुलिस को शक है कि दोनों ने पहले सौरभ की डेड बॉडी को इस सूटकेस में डलाने की कोशिश की होगी। पुलिस के अब इन सबूतों की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट का इंतजार है।
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मुस्कान ने पूछताछ में यह सब बताया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सौरभ के सीने में 3 बार चाकू मारा। शव के 4 टकड़े किए थे, जिन्हें दोनों ने तकिए के कवर में डाल दिया था। 2 चाकू ड्रम में ही सीमेंट में दबा दिए थे। दोनों ने सौरभ का सिर धड़ से अलग इसलिए किया, ताकि शव की पहचान न हो सके। दोनों हाथ भी कलाई से इसलिए काटे, ताकि सौरभ के फिंगर प्रिंट न मिलें और शव की पहचान ही न हो सके।
मुस्कान ने अपने बयान में बताया कि उसने चाकू, सीमेंट, रेत, ड्रम और नींद की दवाई खरीदी थी। नींद की दवाई उसने एक बुजुर्ग को मोहरा बनाकर खरीदी थी। हालांकि पुलिस को दुकानों से CCTV नहीं मिल पाए, लेकिन दुकानदारों ने मुस्कान को पहचान लिया है। उन्होंने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। इन बयानों को पुलिस सबूत के आधार पर कोर्ट में पेश करेगी। हिमाचल साथ जाने वाले ड्राइवर अजब सिंह के बयान भी लिए गए हैं।
साहिल ब्रह्मपुरी इलाके में, सौरभ-मुस्कान इंद्रानगर कॉलोनी में रहते थे। मुस्कान का मायका और ससुराल भी इंद्रानगर में ही है। मुस्कान के खिलाफ मायके और ससुराल वालों के बयान भी पुलिस के पास हैं। पड़ोसियों और दोस्तों के बयान भी मुस्कान के खिलाफ हैं। मुस्कान के इरादों के बारे में सभी को पता था कि वह ऐशो आराम की जिंदगी चाहती थी, लेकिन सौरभ परिवार द्वारा बेदखल किए जाने के बाद उसे वह सब नहीं दे पा रहा था।
पुलिस के पास शिमला, मनाली, कसोल में उन होटलों के CCTV फुटेज भी हैं, जहां वे दोनों रुके थे। दोनों के बर्थडे सेलिब्रेट करने, होली खेलने, बार में डांस करने के वीडियो भी पुलिस ने सबूत बनाए हैं। होटल स्टाफ ने भी साहिल और मुस्कान को पहचाना है।
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दुकानदारों के बयान…
1. मुस्कान ने 4 मार्च की सुबह करीब 10 बजे घंटाघर रोड से सैफुद्दीन की दुकान से ड्रम खरीदा था।
2. एक मार्च को मुस्कान खैरनगर के ऊषा मेडिकल स्टोर से नींद की दवा खरीदी थी। दुकानदार अमित ने उसे पहचाना और बताया कि मुस्कान ने डॉ अरविंद की लिखी स्लिप दिखाई थी और उसने उसे मिडाजोलम दवाई दी थी।
3. मुस्कान ने शारदा रोड पर बनी सिंघल जी बर्तन स्टोर के मालिक अंकित से मटन काटने वाला चाकू खरीदा था।
4. मुस्कान और साहिल ने 4 मार्च की सुबह अजब सिंह की कैब बुक की थी। शिवा टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक ने उनकी पहचान की है।
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पुलिस को इन सबूतों की तलाश…
पुलिस को 3 मार्च की रात को साहिल और मुस्कान की मूवमेंट के CCTV फुटेज नहीं मिले। सौरभ रात को करीब 9 बजे अपनी मां के घर आया था और वापस अपने किराये वाले घर तक गया था, लेकिन फुटेज नहीं मिला। करीब साढ़े 11 बजे साहिल मुस्कान के घर आया था, लेकिन फुटेज नहीं मिला। रात करीब 3 बजे मुस्कान-साहिल दोनों शव के 3 टुकड़े लेकर साहिल के घर गए थे, लेकिन फुटेज नहीं मिली।
हत्या के बाद 4 मार्च की सुबह मुस्कान और साहिल ने शारदा नगर और घंटाघर बाजार बाजार में शॉपिंग करने गए थे, लेकिन फुटेज नहीं मिले। 18 मार्च को जब मुस्कान अपने मायके वाले घर गई थी तो उस समय की फुटेज नहीं मिली, क्योंकि रूट पर CCTV कैमरे नहीं लगे थे।