6 महीने बाद भी सपा ने नहीं लिया बागी विधायकों पर एक्शन! आखिर क्या है अखिलेश की स्ट्रैटेजी?

UP Politics: समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी चाहती थी कि बागी विधायकों को जितना जल्दी संभव हो अयोग्य घोषित कर दिया जाए। ताकि, उनकी सीटों पर भी यूपी की 10 सीटों पर उपचुनाव के साथ ही चुनाव करवाया जा सके। लेकिन, अभी भी इसके लिए उसने याचिका दाखिल नहीं की है।

Akhilesh Yadav

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (एएनआई)

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Rebel MLAs Of Samajwadi Party : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी (सपा) अपने बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दाखिल करने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रही है। इन बागी नेताओं में सपा के पूर्व चीफ व्हिप मनोज पाण्डेय भी शामिल हैं जिन्होंने इस साल फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में वोट किया था। पाण्डेय के अलावा बगावत करने वाले विधायकों में गोसाईंगंज के अभय सिंह, चैल की पूजा पाल, गौरीगंज के राकेश प्रताप सिंह, जलालपुर के राकेश पाण्डेय का नाम भी शामिल है।

इन बागी विधायकों ने आरोप लगाया था कि सपा नेतृत्व ने उन्हें अयोध्या में राम लला मंदिर जाने की अनुमति नहीं दी थी जबकि इसके लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना की ओर से इन्विटेशन भी दिया गया था। विद्रोह करने के बाद इनमें से कुछ विधायकों ने मंदिर का दौरा भी किया था। इस मामले को लेकर सपा प्रवक्ता सुनील सिंह सजन ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी को धोखा दिया और भाजपा का सपोर्ट किया उनके खिलाफ विधानसभा में सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर स्पीकर ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया तो हम अदालत का रुख करेंगे।

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सपोर्ट करने वाले भी होंगे बाहर

सुनील सिंह ने आगे कहा कि किसी भी बागी विधायक को पार्टी में वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हमारे नेतृत्व ने इसके लिए बेहद सख्त मानक डेवलप किए हैं और अगर कोई उनका (बागी विधायकों का) सपोर्ट करेगा तो उस शख्स को भी बाहर का दरवाजा दिखा दिया जाएगा। इन विधायकों की विधानसभा के लोग कभी उन्हें माफ नहीं करेंगे। सुनील सिंह ने कहा कि हम इन सीटों पर उपचुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जनता इनकी हरकतों का जवाब उन्हें देगी। इन लोगों ने ऐसे लोगों का साथ दिया है जिन्होंने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार किए हैं।

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क्या बोले बागी मनोज पाण्डेय?

वहीं, सुनील कुमार के बयान पर मनोज पाण्डेय ने कहा कि मैं किसी भी अटकल पर टिप्पणी नहीं कर सकता। वो जो चाहते हैं वह उन्हें करने दीजिए। दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात करने की चर्चाओं पर पाण्डेय ने कहा कि मैं यहां अपनी विधानसभा ऊंचाहार में बैठा हूं। मुझे कुछ ऐसे व्हाट्सऐप मैसेजेस के बारे में पता चला है जिनमें दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ मेरी मुलाकात की बात कही जा रही है। पाण्डेय ने कहा कि ये अफवाहें हैं और पूरी तरह से निराधार हैं। इसी बीच 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं से सक्रिय रूप से मिल रहे हैं।

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अखिलेश यादव ने इन बागी विधायकों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। पार्टी ने उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए सबूत भी जुटा लिए हैं। सूत्रों के अनुसार जल्द ही विधानसभा में इन्हें अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दाखिल की जाएगी। सपा नेताओं ने दावा किया है कि इन्हें अयोग्य ठहराए जाने के बाद यहां होने वाले उप चुनाव में सपा ही जीत हासिल करेगी और जनता को धोखा देने वालों को करारा जवाब देगी। बता दें कि यूपी विधानसभा में पार्टी के पूर्व चीफ व्हिप मनोज पाण्डेय ने 10 राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा के समर्थन में वोट किया था और फिर इस्तीफा दे दिया था।

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