Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

आजम खान के बाद सपा का एक और नेता विवादों में फंसा, बनारस में दर्ज हुआ फ्रॉड का मामला

Abu Asim Azmi Against Fraud Case Registered in Banaras: सपा के नेता अबू आसिम आजमी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि उनकी बेनामी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

Author
Edited By : Shailendra Pandey Updated: Oct 20, 2023 16:41
Abu Asim Azmi, Samajwadi Party, Banaras, Uttar Pradesh, Samajwadi Party News, Hindi News, UP News
सपा नेता अबू आजमी ने महागठबंधन को दी धमकी।

Samajwadi Party Leader Abu Asim Azmi Against Fraud Case Registered in Banaras: तमाम मुकदमों में फंसे और मौजूदा वक्त में जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बाद अब सपा के ही दूसरे बड़े नेता अबू आसिम आजमी भी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। सपा के नेता अबू आसिम आजमी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि उनकी बेनामी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

फर्म में निदेशक रह चुके हैं आजमी

यह मामला उत्तर प्रदेश के बनारस जिले में दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी में वाराणसी पुलिस ने विनायक निर्माण प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जो आयकर जांच के अनुसार समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आजमी की बेनामी कंपनी है। आजमी इस फर्म में निदेशक भी रह चुके हैं।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- बच्चे चिल्लाते रहे, लेकिन दुर्गा पूजा के शोर में दब गई उनकी आवाज…उत्तर प्रदेश में आग में जिंदा जले 2 बच्चे

सपा में बड़े मुस्लिम नेता के तौर पर रखते हैं पहचान

आरोप है कि वाराणसी के हमरौतिया में सेंट्रल जेल रोड पर प्रोजेक्ट वरुणा गार्डन में पैंतालीस फ्लैटों के लिए कंपनी ने कथित तौर पर संयुक्त आयुक्त द्वारा जारी वाराणसी विकास निगम का जाली समापन प्रमाण पत्र जमा किया था। इसी के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अबू आसिम आजमी आजम खान के बाद समाजवादी पार्टी के दूसरे बड़े मुस्लिम नेता के तौर पर पहचान रखते हैं, ऐसे में समाजवादी पार्टी के सामने आजम खान के बाद अब दूसरी मुसीबत खड़ी हो गई है।

---विज्ञापन---

इस मामले में वाराणसी विकास निगम ने अब यह कहते हुए FIR दर्ज कराई है कि उन्होंने कभी ऐसा कोई समापन पत्र जारी ही नहीं किया है। मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और अन्य धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में FIR दर्ज की गई है।

 

First published on: Oct 20, 2023 04:41 PM

संबंधित खबरें