23 घंटे में 85 सर्जरी करने वाले कौन? जिनका निधन, अब्दुल कलाम ने किया था सम्मानित

Doctor Ajay Prakash Profile: 23 घंटे में 85 सर्जरी करके रिकॉर्ड बनाने वाले डॉक्टर का निधन हो गया है। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने अपने घर में ही आखिरी सांस ली और नींद में ही उनकी मौत हो गई थी। आइए उनके बारे में जानते हैं…

Doctor Ajay Prakash

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Who Was Doctor Ajay Prakash: देश के मशहूर डॉक्टर अजय प्रकाश का निधन हो गया है। उन्होंने 72 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। उन्हें दिल का दौरान पड़ा था और नींद में ही उनकी मौत हो गई। जब वे नहीं जगे तो परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने पहली जांच में ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं उनके अचानक निधन से मेडिकल की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है। डॉक्टर अजय मशहूर यूरोलॉजिस्ट थे। उनकी सेवाओं और रिकॉर्ड के लिए उन्हें देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया था। उनके नाम 23 घंटे में 85 सर्जरी करने का रिकॉर्ड दर्ज है। राष्ट्रपति कलाम ने 16 घंटे में 62 सर्जरी करने पर उन्हें सम्मानित किया था।

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कोरोना काल में हुआ था पत्नी का निधन

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर अजय प्रकाश शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बाइपास के चेयरमैन थे। वे बीते दिन रविवार की दोपहर को अपने दोस्त के घर लंच पर गए थे। वहां से आने के बदा वे सोने चले गए, लेकिन रात तक भी वे नहीं लगे। जगाने पर भी नहीं उठे तो किसी अनहोनी की आशंका से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक नींद में ही वे दम तोड़ चुके थे।

9 साल पहले डॉक्टर अजय प्रकाश की बाइपास सर्जरी हुई थी और अब तक वे बिल्कुल स्वस्थ थे, अचाकन हादसा हो गया। उनकी पत्नी डॉक्टर दिव्या प्रकाश की मौत कोविड काल में हुई थी। उनके परिवार में छोटा भाई डॉक्टर संजय प्रकाश, बेटा डॉक्टर श्वेतांक प्रकाश, बहू डॉक्टर ब्लासम प्रकाश, बेटी डॉक्टर स्वाति प्रकाश, भतीजा डॉक्टर प्रशांत प्रकाश है। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर सुनील शर्मा ने उनके निधन पर शोक जताया।

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डॉक्टर अजय प्रकाश की उपलब्धियां

  • साल 1977 में SN मेडिकल कॉलेज से MS की डिग्री ली।
  • 1981 में सेलेक्टिव सेगमेंटल एपिड्यूरल ब्लॉक के तहत दर्द रहित डिलीवरी प्रोसिजर शुरू किया।
  • 1983 में आगरा में उत्तर प्रदेश का पहला अल्ट्रासोनोग्राफी केंद्र खोला।
  • 1989 में पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटोमी (PCNL) तकनीक पर आधारित नॉर्थ इंडिया का पहला सेंटर खोला।
  • 1990 में 2.5 सेंटीमीटर के छेद से दुनिया की पहली कोलेसिस्टेक्टोमी सर्जरी की।
  • 1991 में सिंगल छेद से एपेंडेक्टोमी सर्जरी शुरू की।
  • 1999 में होल्मियम लेजर प्रोस्टेट और स्टोन की सर्जरी शुरू की थी।
  • 2003 में 16 घंटे में लगातार 62 सर्जरी करके रिकॉर्ड बनाया, जिसके लिए उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया था।
  • 2006 में लायंस क्लब के बैनर तले लगे कैंप में उन्होंने 23 घंटे में 85 सर्जरी (गाल ब्लेडर की 71 और अपेंडिक्स की 14) करके रिकॉर्ड बनाया था।
  • आगरा में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ आगरा के इंस्टालेशन समारोह में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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