वसीम अहमद
राणा सांगा को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। वहीं, यूपी के बस्ती के हरैया विधानसभा सीट से क्षत्रिय विधायक अजय सिंह भी समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव और पूरी समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने कहा कि अपने बयानों को लेकर समाजवादी पार्टी का साढ़े सत्यानाशी हो रहा है। इतिहास के योद्धाओं के बारे में ऊल-जलूल बयान देकर सपाई खुद अपनी साख खो रहे हैं। विधायक अजय सिंह ने कहा कि राणा सांगा को लेकर गद्दार जैसे शब्द का इस्तेमाल करना आसमान में थूकने जैसा है।
राणा सांगा के खिलाफ सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने जैसे ही भरी संसद में आपत्तिजनक बयान देते हुए गद्दार बोला, वैसे ही पूरे देश में बवाल शुरू हो गया। सपा सांसद के बयान से राजनीति गरमा गई है। बस्ती जनपद के बीजेपी विधायक भी सामने आकर समाजवादियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरैया सीट से विधायक अजय सिंह ने कहा कि राणा सांगा ने अपनी जनता के लिए, जिसमें सारी जातियां शामिल थीं, उनकी स्वतंत्रता के लिए अंतिम क्षण तक लड़ाई लड़ी। उनके खिलाफ इस तरह का अपमानजनक बात करना बेहद ही निंदनीय है।
समाजवादियों का सत्यानाश निश्चित- विधायक अजय सिंह
विधायक अजय सिंह यही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने राणा सांगा को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तक की उपाधि दे डाली। उन्होंने कहा कि राणा सांगा को पूरे शरीर में 80 घाव लगने के बाद भी उनके कदम डिगे नहीं। तो वहीं समाजवादी पार्टी के कुछ नेता वीर योद्धा राणा सांगा के खिलाफ बोलकर उन्हें 81 घाव दे रहे हैं।
आगे उन्होंने कहा कि जिस तरह संसद में सपा सांसद के द्वारा यह तुच्छ बयान दिया गया है और बयान के इतने दिन बीत जाने के बाद भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से एक भी बयान अपने सांसद के खिलाफ नहीं आया है, ऐसे में यही लगता है कि वह अपने सांसद के पक्ष में हैं। अगर यही हाल रहा, तो समाजवादियों का साढ़े सत्यानाश निश्चित है। आने वाले कुछ दिनों में पार्टी का विनाश भी हो जाएगा।
वहीं, औरंगजेब को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि वह एक क्रूर शासक था। भारत में उसकी कब्र कली बीजेपी ने नहीं बनवाई है। कई 100 साल पहले ही औरंगजेब की कब्र मुगलकाल में बना दी गई थी। मगर आज जिस तरह से औरंगजेब को लेकर कुछ नेता महिमा मंडन कर रहे हैं, उससे साबित होता है कि वे अपनी राजनीति की रोटी सेंक रहे हैं। विधायक अजय सिंह ने साफ लहजे में कहा कि भारत में क्रूर आक्रांता शासक औरंगजेब की कब्र का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए वे भी मांग करते हैं कि उसकी कब्र हटा दी जानी चाहिए।
ये भी पढ़ें- देवरिया: भतीजी पर नीयत डोली तो ले गया होटल, रिश्ता शर्मसार हुआ टोटल