Prayagraj Magh Mela News: प्रयागराज माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर तब बवाल मच गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया. वे अपनी पालकी में शिष्यों के साथ संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे कि अचानक उन्होंने अपनी पालकी वापस करवा ली और बीच रास्ते से ही अपने शिविर में लौट गए. उन्होंने स्नान करने से भी इनकार कर दिया.
Prayagraj, Uttar Pradesh: Swami Avimukteshwaranand Shankaracharya clashed with authorities at the Sangam, alleging he was prevented from taking a holy dip. pic.twitter.com/2XSqIwRVbE
---विज्ञापन---— IANS (@ians_india) January 18, 2026
गृह सचिव पर लगाए मारपीट के आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता से नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने उनके शिष्यों के साथ मारपीट और धक्का मुक्की की, जबकि वे शांतिपूर्ण तरीके से उनके साथ माघ मेले में जा रहे थे, लेकिन मोहित गुप्ता की मौजूदगी में शिष्यों के साथ मारपीट हुई है. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए तैनात किए गए जवानों को लोगों को मारने का कहा जा रहा है. खुद मोहित गुप्ता ने उनका दमन करने को कहा.
धक्का मुक्की का वीडियो हुआ वायरल
बता दें कि संगम तट पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट और धक्का मुक्की का एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसके अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी में संगम तट की ओर बढ़ रहे हैं और साथ में उनके शिष्यों का रेला भी है, लेकिन रास्ते में गृह सचिव मोहित गुप्ता और कई पुलिसकर्मी उन्हें रोकते हैं और स्नान करने के लिए आगे जाने से मना करते हैं. विरोध करने पर जवानों ने बल का प्रयोग किया.
Prayagraj, Uttar Pradesh: Swami Avimukteshwaranand Shankaracharya says, "Now the situation is that we are being stopped from taking the holy bath. Let us see what happens next. The administration can do whatever it wants. We have told our people to return, as the administration… pic.twitter.com/UHy4LZL78t
— IANS (@ians_india) January 18, 2026
मामले में पुलिस ने रखा अपना पक्ष
मोहित गुप्ता और पुलिस कर्मियों का शिष्यों के साथ रवैया देखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया और बीच रास्ते से ही वे अपनी पालकी वापस ले गए, वहीं पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों को टुकड़ों-टुकड़ों में संगम नोज की ओर जाने को कहा गया था, लेकिन वे एक साथ भीड़ का रूप लेकर आगे बढ़ रहे थे, ऐसे में उन्हें रोकना पड़ा, लेकिन वे पुलिसवालों से भिड़ गए.










