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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का स्नान से इनकार, शिष्यों की पिटाई का आरोप

Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है और आज मौनी अमावस्या भी है, लेकिन इस मौके पर आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हंगामा किया. उन्होंने योगी सरकार के एक अधिकारी पर शिष्यों से मारपीट का आरोप लगाकर स्नान करने से इनकार कर दिया और बीच रास्ते से ही लौट गए.

Author Edited By : khushbu.goyal
Updated: Jan 18, 2026 12:28
swami avimukteshwaranand
शिष्यों के साथ बीच रास्ते से ही लौट गए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद.
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News24 एआई आवाज़

Prayagraj Magh Mela News: प्रयागराज माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर तब बवाल मच गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया. वे अपनी पालकी में शिष्यों के साथ संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे कि अचानक उन्होंने अपनी पालकी वापस करवा ली और बीच रास्ते से ही अपने शिविर में लौट गए. उन्होंने स्नान करने से भी इनकार कर दिया.

गृह सचिव पर लगाए मारपीट के आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता से नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने उनके शिष्यों के साथ मारपीट और धक्का मुक्की की, जबकि वे शांतिपूर्ण तरीके से उनके साथ माघ मेले में जा रहे थे, लेकिन मोहित गुप्ता की मौजूदगी में शिष्यों के साथ मारपीट हुई है. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए तैनात किए गए जवानों को लोगों को मारने का कहा जा रहा है. खुद मोहित गुप्ता ने उनका दमन करने को कहा.

धक्का मुक्की का वीडियो हुआ वायरल

बता दें कि संगम तट पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट और धक्का मुक्की का एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसके अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी में संगम तट की ओर बढ़ रहे हैं और साथ में उनके शिष्यों का रेला भी है, लेकिन रास्ते में गृह सचिव मोहित गुप्ता और कई पुलिसकर्मी उन्हें रोकते हैं और स्नान करने के लिए आगे जाने से मना करते हैं. विरोध करने पर जवानों ने बल का प्रयोग किया.

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मामले में पुलिस ने रखा अपना पक्ष

मोहित गुप्ता और पुलिस कर्मियों का शिष्यों के साथ रवैया देखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया और बीच रास्ते से ही वे अपनी पालकी वापस ले गए, वहीं पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों को टुकड़ों-टुकड़ों में संगम नोज की ओर जाने को कहा गया था, लेकिन वे एक साथ भीड़ का रूप लेकर आगे बढ़ रहे थे, ऐसे में उन्हें रोकना पड़ा, लेकिन वे पुलिसवालों से भिड़ गए.

First published on: Jan 18, 2026 12:05 PM

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