अयोध्या जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! 190 करोड़ से बनेंगे 5 नए अंडरपास, इन 5 जगहों पर मिलेगी जाम से मुक्ति!

लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए एनएचएआई 190 करोड़ रुपये खर्च करेगा. इसके तहत चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर पांच नए अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि हादसों और ट्रैफिक जाम से राहत मिले.

Lucknow-Ayodhya-Gorakhpur Highway With 5 New Underpasses

लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर 5 नए अंडरपास

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Lucknow Ayodhya Highway: उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर नेशनल हाईवे-27 की सूरत जल्द ही बदलने वाली है. इस हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक और आए दिन होने वाले जानलेवा हादसों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है. अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद इस रूट पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है. प्रशासन ने अब फैसला किया है कि यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस भारी-भरकम बजट से हाईवे के सबसे खतरनाक हिस्सों को सुरक्षित बनाया जाएगा ताकि सफर के दौरान किसी की जान जोखिम में न पड़े.

इन 5 जगहों पर बनेंगे शानदार अंडरपास

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ के मुताबिक अयोध्या खंड में पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर अंडरपास का निर्माण किया जाएगा. ये स्थान वे हैं जिन्हें सड़क परिवहन मंत्रालय ने पहले ही ‘ब्लैक स्पॉट’ यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित कर दिया है. इनमें रामसनेही घाट से अयोध्या के बीच पड़ने वाले अर्कुना, रानीमऊ, कुढ़ा सादात, भेलसर और सट्टी चौराहा शामिल हैं. इन जगहों पर स्थानीय किसानों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को अक्सर जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ता है. नए अंडरपास बन जाने से अब लोग बिना हाईवे पर आए सुरक्षित तरीके से सड़क के दूसरी तरफ जा सकेंगे. इससे न केवल हादसों में कमी आएगी बल्कि हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार भी निर्बाध बनी रहेगी.

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अवैध कटों पर वार और ब्लैक स्पॉट सुधार

सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन भी अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है. जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि हाईवे पर हादसों का कारण बन रहे सभी अवैध कटों को तत्काल बंद किया जाए. अक्सर वाहन चालक शार्टकट के चक्कर में डिवाइडर तोड़कर अवैध रास्ते बना लेते हैं, जो तेज रफ्तार गाड़ियों के लिए काल साबित होते हैं. इसके अलावा एनएचएआई ने चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट्स पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और स्पष्ट साइनेज लगाने का काम भी तेज कर दिया है. अधिकारियों का मानना है कि सड़क चौड़ी करने के साथ-साथ वाहन चालकों को मोड़ और खतरे की जानकारी समय रहते देना बेहद जरूरी है ताकि वे अपनी गति नियंत्रित कर सकें.

मरम्मत की चुनौती और भविष्य की सुरक्षित राह

नई परियोजनाओं के साथ-साथ मौजूदा सुविधाओं का रख-रखाव भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. बाराबंकी के रसौली और चौपुला जैसे व्यस्त चौराहों पर खराब पड़ी रोड लाइटें और ब्लिंकर हादसों को दावत दे रहे हैं. सीओ ट्रैफिक ने स्पष्ट किया है कि इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की है और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है. अयोध्या के वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने के बाद इस मार्ग पर देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 190 करोड़ की ये योजनाएं समय पर पूरी हो गईं, तो लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर हाईवे का सफर न केवल सुगम होगा बल्कि यह यूपी के सबसे सुरक्षित हाईवे में से एक बन जाएगा. यह पहल स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों दोनों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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