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KGMU के हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज बैन पर बवाल, सपा ने बताया तुगलकी फरमान, कांग्रेस ने बीफ पर घेरा

KGMU Non Veg Ban: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) के हॉस्टलों में नॉनवेज बैन होने से यूपी की सियासत गरमा गई है। चीफ प्रोवोस्ट के आदेश पर सपा और कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अब केजीएमयू प्रशासन की तरफ से एक बड़ा स्पष्टीकरण भी सामने आया है।

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KGMU Non Veg Ban: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के हॉस्टलों में नॉनवेज पर पाबंदी को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। केजीएमयू प्रशासन के एक फैसले ने ऐसा तूल पकड़ा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दरअसल, विवाद की शुरुआत केजीएमयू के चीफ प्रोवोस्ट प्रोफेसर केके सावलानी के एक आदेश से हुई। उन्होंने हॉस्टलों की मेस और कैंटीन के लिए एक गाइडलाइन जारी की, जिसमें कहा गया कि मेस में अब नॉनवेज न तो पकाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा। आदेश में यह भी तर्क दिया गया कि छात्र-छात्राओं को पूरा प्रोटीन मिले, इसके लिए उनके खाने में शाकाहारी प्रोटीन वाली चीजें शामिल की जाएं। इस आदेश को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए।

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सपा ने करार दिया ‘तुगलकी फरमान’

इस फैसले की खबर बाहर आते ही यूपी की सियासत गरमा गई। सपा ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ करार देते हुए छात्रों के खानपान की आजादी पर रोक लगाने वाला बताया। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि भाजपा के बड़े नेता खुद कहते हैं कि बीफ खाना चाहिए, तो फिर यहां छात्रों पर यह पाबंदी क्यों? दूसरी तरफ, मशहूर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी केजीएमयू के इस फैसले को गलत ठहराया और मांग की कि प्रशासन को इस आदेश को तुरंत वापस लेना चाहिए।

KGMU प्रशासन ने दी सफाई

बढ़ते बवाल को देखते हुए केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि इस फैसले को लेकर थोड़ा भ्रम फैल गया है। यूनिवर्सिटी के कुल 18 हॉस्टल हैं, जिनमें से सिर्फ 6 हॉस्टलों की मेस में ही नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। बाकी बचे 12 हॉस्टल पूरी तरह स्वतंत्र हैं, वहां की मेस में नॉनवेज बनाया भी जा सकता है और परोसा भी जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला सभी हॉस्टलों पर थोपा नहीं गया है।

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First published on: Jul 15, 2026 03:51 PM

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About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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