Harishankar Tiwari Passed Away: पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी का मंगलवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 86 साल के हरिशंकर तिवारी ने शाम साढ़े सात बजे गोरखपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार कल बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर बुधवार को होगा। वे चिल्लूपार विधाानसभा सीट से लगातार 22 सालों तक विधायक रहे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके निधन पर शोक जताया है।
हरिशंकर तिवारी की गिनती यूपी में ब्राह्मणों के बड़े नेता के तौर पर थी। उन्हें पूर्वांचल का बाहुबली नेता भी कहा जाता था। हरिशंकर तिवारी ने 1985 में पहली बार चिल्लूपार विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा थाा। उस समय वे जेल में बंद थे। इसके बाद वे तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वे 1985 से 2007 तक लगातार विधायक रहे। 2007 में वे अपना चुनाव हार गए थे।
https://twitter.com/AHindinews/status/1658488333960642562?s=20
अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हरिशंकर तिवारी
हरिशंकर तिवारी अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हैं। भीष्म शंकर तिवारी और विनय शंकर तिवारी। भीष्म संतकबीर नगर से सांसद रह चुके हैं। जबकि विनय अपने पिता की परंपरागत सीट चिल्लूपार से 2017 से 2022 तक बसपा से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1658486673125277696
अखिलेश यादव ने जताया दुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पूर्व मंत्री श्री हरिशंकर तिवारी जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। भावभीनी श्रद्धांजलि!
यह भी पढ़ें: Siddaramaiah Vs Shivakumar?: कर्नाटक के नए सीएम पर फैसला लेंगे सोनिया गांधी और राहुल! खड़गे कल बेंगलुरु में करेंगे ऐलान
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हरिशंकर तिवारी की गिनती यूपी में ब्राह्मणों के बड़े नेता के तौर पर थी। उन्हें पूर्वांचल का बाहुबली नेता भी कहा जाता था। हरिशंकर तिवारी ने 1985 में पहली बार चिल्लूपार विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा थाा। उस समय वे जेल में बंद थे। इसके बाद वे तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वे 1985 से 2007 तक लगातार विधायक रहे। 2007 में वे अपना चुनाव हार गए थे।
अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हरिशंकर तिवारी
हरिशंकर तिवारी अपने पीछे दो पुत्र छोड़ गए हैं। भीष्म शंकर तिवारी और विनय शंकर तिवारी। भीष्म संतकबीर नगर से सांसद रह चुके हैं। जबकि विनय अपने पिता की परंपरागत सीट चिल्लूपार से 2017 से 2022 तक बसपा से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पूर्व मंत्री श्री हरिशंकर तिवारी जी का निधन, अत्यंत दुखद! ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। भावभीनी श्रद्धांजलि!
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