मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 से 24 फरवरी तक सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. CM योगी अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही एक्शन मोड में नजर आए. उन्होंने वहां के मशहूर उद्योगपति और टेमासेक के चेयरमैन टीओ ची हियान के साथ एक बेहद अहम बैठक की. इस मुलाकात का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश को आकर्षित करना था. चर्चा के दौरान सीएम ने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात की. उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी में अब मजबूत नीतिगत ढांचा और फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम लागू है, जिससे बिजनेस करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.
ग्लोबल इंवेस्टर्स के सामने रखा यूपी का नया विजन
अपनी इस मुलाकात की जानकारी मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए साझा की. उन्होंने बताया कि टेमासेक की टीम के साथ हुई यह बैठक काफी सकारात्मक रही और उत्तर प्रदेश में संप्रभु निवेश भागीदारी के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई. योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से उभरते हुए औद्योगिक राज्यों में से एक है. राज्य सरकार न केवल निवेशकों को सुरक्षा और सुविधाएं दे रही है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राज्य का कायाकल्प हो चुका है. इस बैठक को वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है.
जीआईसी के साथ दीर्घकालिक निवेश पर बनी सहमति
टेमासेक के अलावा मुख्यमंत्री योगी ने सिंगापुर में जीआईसी के सीईओ लिम चो किआट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की. इस मुलाकात में मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल पार्क, शहरी विकास परियोजनाओं और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लंबे समय के लिए संस्थागत निवेश करने के मौकों को तलाशा गया. सीएम ने जीआईसी की वर्तमान साझेदारियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना में आईआरबी के साथ और ग्रीनको के साथ चल रहे सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी साझेदारियां राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी. उन्होंने जीआईसी को यूपी की भविष्य की बड़ी योजनाओं में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया.
यह भी पढ़ें: 6 हजार कमाने वाले टीचर को मिला 2 करोड का GST नोटिस, ठगों ने पैन कार्ड का ऐसे किया गलत इस्तेमाल
तीन दिवसीय दौरे से बढ़ेगा आर्थिक सहयोग
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो 22 से 24 फरवरी तक चलेगी. इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग को और अधिक गहरा करना है. अपने इस दौरे के दौरान योगी केवल बड़े उद्योगपतियों से ही नहीं मिलेंगे, बल्कि सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी उनकी मुलाकातें तय हैं. उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस यात्रा के समापन तक यूपी के लिए कई बड़े निवेश समझौतों पर मुहर लग सकती है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 से 24 फरवरी तक सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. CM योगी अपने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही एक्शन मोड में नजर आए. उन्होंने वहां के मशहूर उद्योगपति और टेमासेक के चेयरमैन टीओ ची हियान के साथ एक बेहद अहम बैठक की. इस मुलाकात का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश को आकर्षित करना था. चर्चा के दौरान सीएम ने डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात की. उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी में अब मजबूत नीतिगत ढांचा और फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम लागू है, जिससे बिजनेस करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.
ग्लोबल इंवेस्टर्स के सामने रखा यूपी का नया विजन
अपनी इस मुलाकात की जानकारी मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए साझा की. उन्होंने बताया कि टेमासेक की टीम के साथ हुई यह बैठक काफी सकारात्मक रही और उत्तर प्रदेश में संप्रभु निवेश भागीदारी के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई. योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से उभरते हुए औद्योगिक राज्यों में से एक है. राज्य सरकार न केवल निवेशकों को सुरक्षा और सुविधाएं दे रही है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राज्य का कायाकल्प हो चुका है. इस बैठक को वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है.
जीआईसी के साथ दीर्घकालिक निवेश पर बनी सहमति
टेमासेक के अलावा मुख्यमंत्री योगी ने सिंगापुर में जीआईसी के सीईओ लिम चो किआट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक की. इस मुलाकात में मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल पार्क, शहरी विकास परियोजनाओं और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लंबे समय के लिए संस्थागत निवेश करने के मौकों को तलाशा गया. सीएम ने जीआईसी की वर्तमान साझेदारियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना में आईआरबी के साथ और ग्रीनको के साथ चल रहे सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी साझेदारियां राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी. उन्होंने जीआईसी को यूपी की भविष्य की बड़ी योजनाओं में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया.
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तीन दिवसीय दौरे से बढ़ेगा आर्थिक सहयोग
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो 22 से 24 फरवरी तक चलेगी. इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग को और अधिक गहरा करना है. अपने इस दौरे के दौरान योगी केवल बड़े उद्योगपतियों से ही नहीं मिलेंगे, बल्कि सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व के साथ भी उनकी मुलाकातें तय हैं. उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस यात्रा के समापन तक यूपी के लिए कई बड़े निवेश समझौतों पर मुहर लग सकती है.