Jaipur News: राइट टू हेल्थ बिल को लेकर सोमवार को जयपुर में डाॅक्टर्स ने कार्य का बहिष्कार किया है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों को अगर कोई शिकायत है तो उन्हें मुख्य सचिव से वार्ता करनी चाहिए। सरकार उसका समाधान निकालेगी।
उन्होंने कहा कि एक्ट के अनुसार सांप काटने, एक्सीडेंट व किसी जानवर के खाने की घटनाओं को ही इमरजेंसी में शामिल किया है। उन्होंने डाॅक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि डाॅक्टर्स वार्ता के बावजूद मुकर गए। सीएम ने कहा कि डाॅक्टर से बात करके जल्द समाधान निकालिए।
बिल में हम बदलाव करने को तैयार
उन्होंने कहा कि देश में यह पहला ऐसा विधेयक है जो पक्ष और विपक्ष की सहमति से पारित हुआ है। लेकिन बिल की कमियां डाॅक्टरों को सरकार को बताना चाहिए। जबकि चिंरजीवी योजना में इन्होंने 2 साल से काम किया तो इनको कोई शिकायत नहीं हुई।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राइट टू हेल्थ जैसे कानून बनने के बाद देश में बड़ा बदलाव आया है। आईएमए की गाइडलाइन के अनुसार बने एक्ट में कोई कमी रह गई हो तो सरकार को बताएं, हम उसमें बदलाव को तैयार हैं।
हमारे लिए जनता सर्वोपरि
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हमें डाॅक्टरों से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन हमारे लिए तो जनता सर्वोपरि है। डाॅक्टर्स को मूल एक्ट व पारित हुए एक्ट को देखना चाहिए। उनकी मागों के अनुसार उसमें बदलाव किया गया है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिनके पास चिरंजीवी कार्ड है, उसका इलाज होना चाहिए। सरकार अस्पतालों को 20 दिन में ही पेमेंट जारी कर रही हैं। एक भी अस्पताल का पेमेंट बकाया नहीं है।
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insider-gaming.com)
Jaipur News: राइट टू हेल्थ बिल को लेकर सोमवार को जयपुर में डाॅक्टर्स ने कार्य का बहिष्कार किया है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों को अगर कोई शिकायत है तो उन्हें मुख्य सचिव से वार्ता करनी चाहिए। सरकार उसका समाधान निकालेगी।
उन्होंने कहा कि एक्ट के अनुसार सांप काटने, एक्सीडेंट व किसी जानवर के खाने की घटनाओं को ही इमरजेंसी में शामिल किया है। उन्होंने डाॅक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि डाॅक्टर्स वार्ता के बावजूद मुकर गए। सीएम ने कहा कि डाॅक्टर से बात करके जल्द समाधान निकालिए।
बिल में हम बदलाव करने को तैयार
उन्होंने कहा कि देश में यह पहला ऐसा विधेयक है जो पक्ष और विपक्ष की सहमति से पारित हुआ है। लेकिन बिल की कमियां डाॅक्टरों को सरकार को बताना चाहिए। जबकि चिंरजीवी योजना में इन्होंने 2 साल से काम किया तो इनको कोई शिकायत नहीं हुई।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राइट टू हेल्थ जैसे कानून बनने के बाद देश में बड़ा बदलाव आया है। आईएमए की गाइडलाइन के अनुसार बने एक्ट में कोई कमी रह गई हो तो सरकार को बताएं, हम उसमें बदलाव को तैयार हैं।
हमारे लिए जनता सर्वोपरि
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हमें डाॅक्टरों से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन हमारे लिए तो जनता सर्वोपरि है। डाॅक्टर्स को मूल एक्ट व पारित हुए एक्ट को देखना चाहिए। उनकी मागों के अनुसार उसमें बदलाव किया गया है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिनके पास चिरंजीवी कार्ड है, उसका इलाज होना चाहिए। सरकार अस्पतालों को 20 दिन में ही पेमेंट जारी कर रही हैं। एक भी अस्पताल का पेमेंट बकाया नहीं है।
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