Rajasthan News: सीएम गहलोत की इस योजना से सुरक्षित हुए किसानों के खेत, उत्पादन भी बढ़ा
Edited By Rakesh Choudhary

Edited By Rakesh Choudhary

Rajasthan News: किसान कल्याण को समर्पित राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना शुरू की गई है। इस योजना में राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के तहत खेतों की आवारा जानवरों से सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा तारबंदी पर अनुदान दिया जाता है।
इस योजना का लाभ लेकर किसान अपने खेतों में तारबंदी कर रहे हैं। जिससे उनके खेतों में खड़ी फसलों का नीलगाय, आवारा पशु व जंगली जानवरों से बचाव हो रहा है। तारबंदी करने से किसानों के फसल उत्पादन में तो वृद्धि हुई ही हैए उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है।
योजना में लघु एवं सीमांत किसानों को तारबंदी के लिए राज्य सरकार द्वारा लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 48 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। वहीं अन्य किसानों के लिए लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए जरुरी है कि किसान के पास 1.5 हैक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर हो। इससे कम भूमि होने पर भी राज्य सरकार द्वारा दो या दो से अधिक किसानों के समूह, जिसके पास 1.5 हैक्टेयर या अधिक भूमि हो, को योजना का लाभ दिये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत खेत में तारबंदी के लिए किसान को 400 रनिंग मीटर की सीमा तक अनुदान दिया जा रहा है।
वर्ष 2022-23 से राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन में तारबंदी के लिए आवेदन की प्रक्रिया 30 मई 2022 से पूर्ण रुप से ऑनलाइन कर दी गई है। जिसमें किसान लाभ लेने के लिए राज किसान साथी पोर्टल पर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं किसानों को अधिकतम 6 माह पुरानी जमाबंदी की नकल के साथ बैंक पास बुक की प्रति भी देनी होगी।
श्रीगंगानगर जिले की पदमपुर तहसील के 36 एलएनपी निवासी किसान विकासराज पुत्र धनराज भी लाभार्थियों में शामिल हैं। उनके खेत राजस्थान सरकार की तारबंदी योजना से न केवल सुरक्षित हुए हैं बल्कि उत्पादन बढ़ने से वे खुशहाल भी हैं।
विकासराज बताते हैं कि आवारा पशुओं की वजह से खेतों में फसलों को काफी नुकसान होता था। सामान्य काश्तकार होने की वजह से पूरे खेत की तारबंदी करना असंभव था। समाचार पत्रों से बजट घोषणा में तारबंदी पर अनुदान मिलने की जानकारी मिली।
इस पर कृषि विभाग की ओर से संचालित तारबंदी की योजना के लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया। फिर उन्होंने कृषि विभाग की तारबंदी योजना में जन आधार द्वारा ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के पश्चात विभागीय गाइडलाइन के अनुसार उन्होंने खेत में तारबंदी करवाई।
विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद इस योजना में अनुदान राशि भी 7 दिन में ही उनके बैंक खाते में जमा हो गई। योजना के तहत 400 मीटर तारबंदी करने पर 40 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। अब तारबंदी होने से खड़ी फसल सुरक्षित हो गई है और उन्हें आवारा पशुओं से खेतों की रखवाली करने की परेशानी भी नहीं उठानी पड़ रही है।
अब फसल सुरक्षित होने से पहले के मुकाबले उत्पादन भी ज्यादा होने लगा हैं। इसके लिए विकासराज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का धन्यवाद देते हुए, कहते है कि राज्य सरकार ने किसानों के बारे में इतना सोचा हैं। यदि उन्हें राज्य सरकार से सहायता नहीं मिलती तो वे कभी इतने पैसे इकट्ठे नहीं कर पाते कि अपने खेत में तारबंदी करवा सकें।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: