Rajasthan Hindi News: कृषि महोत्सव में बोले ओम बिड़ला-कोरोना में किसानों ने किया रिकाॅर्ड उत्पादन

Rajastha Hindi News Om Birla

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Rajasthan Hindi News: कोटा के दशहरा मैदान में मंगलवार को कृषि महोत्सव का आरंभ हुआ। राजस्थान के कोने-कोने से किसान इस महोत्सव में भाग लेने के लिए पहुंचे।

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वैसे तो यह महोत्सव राजस्थान के हाड़ौती में आयोजित किया जा रहा है इसलिए इसमें भाग लेने वाले अधिकांश किसान कोटा, बूंदी, बांरा, झालावाड़ से पहुंच रहे हैं। इस महोत्सव में किसान आधुनिक खेती से जुड़ने, किसानी की नई तकनीकों को जानने के लिए उत्साहित दिखे।

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सयुंक्त महासभा ने साल 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया

कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी भी महोत्सव मेें हिस्सा लेने पहुंचे। (Rajasthan Hindi News) उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों को समर्पित है। 2014 में कृषि का बजट 23 हजार करोड़ था। जिसे बढ़ाकर हमारी सरकार ने 1 लाख 32 हजार करोड़ कर दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम की पहल पर सयुंक्त महासभा ने साल 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है।

इस प्रस्ताव का 72 देशों ने समर्थन किया हैं। मिलेट्स के प्रति दुनियाभर में जागरूकता बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि 10 हजार नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जा रहे हैं। चौधरी ने कहा कि प्रगतिशील किसानों को पाॅली हाऊस और वेयर हाऊस जैसे प्रोजेक्ट के लिए सस्ती दर पर 2 करोड़ रुपये के लोन दिए जा रहे हैं।

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बिड़ला बोले- किसान देश की रीढ़ की हड्डी

महोत्सव में पहुंचे कोटा के सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की आय नहीं बढेगी तब तक देश में परिवर्तन नहीं हो सकता। किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। कोरोना के समय हर क्षेत्र में उत्पादन घट गया था तब भी हमारे किसानों ने फसल उत्पादन में नए रिकाॅर्ड स्थापित किए।

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किसान कृषि के साथ पशुपालन से भी जुडें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक (Rajasthan Hindi News) लाख फलदार पौधे वितरित किए जाएं। जब किसान फसलों के साथ फलदार पौधे लगाएगा तो उसकी आमदनी और बढ़ेगी।

कटारिया बोले- किसानों को ताकत दे रहे केंद्र और राज्य

वहीं इस मौके पर राजस्थान में कृषि और पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि देश दुनिया में खेती और पशुपालन में हो रहे नवचार की जानकारी किसानों को कृषि महोत्सव में मिलेगी। किसानों को ताकत देने का काम केन्द्र और राज्य कर रहे हैं। इसका अधिक से अधिक लाभ किसानों को जागरूकता के साथ उठाना होगा।

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