Rajasthan Assembly Election 2023 Dausa Ground Report News 24 Srinivasan Jain: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में फिलहाल 15 दिन बाकी हैं। राजस्थान में हर पांच साल पर सरकार बदलने का रिवाज है, लेकिन क्या इस बार राजस्थान की जनता का कांग्रेस के साथ करार बरकरार रहेगा या फिर 5 साल पर सरकार बदलने वाला रिवाज कायम रहेगा। इसे समझने के लिए न्यूज 24 के कंसल्टिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन ने दौसा में ग्राउंड रिपोर्टिंग की। उन्होंने यहां के लोगों से बातचीत कर राजस्थान की तस्वीर जानने की कोशिश की।
राजस्थान की जनता का मन टटोलने के लिए न्यूज 24 ने दौसा पर फोकस किया। राजस्थान में पिछले 30 साल से हर पांच साल बाद सरकार बदल जाती है। दौसा को सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है। दौसा में कुल 5 विधानसभा सीटे हैं। 2013 में यहां भाजपा को तीन सीट मिली, जबकि अन्य को दो सीटों पर जीत मिल पाई। वहीं 2018 में भाजपा को यहां एक भी सीट नहीं मिली, जबकि कांग्रेस ने यहां की चार विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। फिलहाल, दौसा विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में हैं और यहां से मोरारी लाल विधायक हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर से मोरारी लाल पर भरोसा जताया है।
युवा मतदाताओं का कांग्रेस की ओर दिखा झुकाव
पहली बार मतदान करने वालों से जब उनके वोट को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कांग्रेस को वोट देने की बात कही। एक युवा ने सचिन पायलट को अपना बेस्ट नेता बताया। एक अन्य शख्स ने कहा कि दौसा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मोरारी लाल की विजय निश्चित है, क्योंकि वे सचिन पायलट के साथ रहे हैं, उनसे धोखा नहीं किया है।
कुछ वोटर्स बोले- हमने अभी तक मन नहीं बनाया, लेकिन कांग्रेस से नाखुश हैं
महिला वोटर्स से जब बात की गई तो उन्होंने कांग्रेस सरकार से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हमारे इलाके में पानी और सड़क की समस्या है। हम किसी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पिछली बार कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया था, लेकिन इस बार किसी को वोट देने का नहीं सोचा है।
गांव में सबसे ज्यादा किसे वोट मिलता है, इसके सवाल पर एक बुजुर्ग ने कहा कि पिछले साल हमने गहलोत के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया था। उन्होंने कहा कि गांव के गुर्जर सचिन पायलट के साथ हैं।
कई वोटर्स ने इस बार मन बदलने की बात कही
एक वोटर ने कहा कि मैं टीचर की तैयारी कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा सरकार आनी चाहिए। कांग्रेस सरकार ने जनता को धोखा दिया है। राजस्थान इंट्रेंस एग्जाम में मेहनत करने वालों का नंबर नहीं आया, जबकि कम मेहनत करने वालों को जॉब मिल गई।
एक अन्य युवा ने कहा कि हम इस बार भाजपा को वोट डालेंगे, पिछले बार हमने कांग्रेस को वोट दिया था। पिछली बार हमने ये सोचा था कि पायलट सीएम बनेंगे, इसलिए कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन इस बार भाजपा को वोट देंगे।
एक बुजुर्ग ने कहा कि कमल के फूल को वोट देना है। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों के लिए भाजपा ने काम किया है। कांग्रेस ने हमारे लिए कुछ काम नहीं किया है। राशन वगैरह देने के गहलोत के दावे पर बुजुर्ग ने कहा कि ये सब तो केंद्र सरकार भी दे रही है।
https://www.youtube.com/watch?v=XGIMPNxVizE
एक अन्य युवा ने कहा कि इस बार भाजपा आएगी। हम इस बार प्रयास करेंगे कि भाजपा यहां सरकार बनाए। गहलोत सरकार की योजना के बारे में युवा ने कहा कि सरकार के दावे के मुताबिक कुछ नहीं हुआ है। किसानों के लिए कुछ नहीं हुआ है।
ईडी की छापेमारी, पेपरलीक मामले पर भी जनता ने की चर्चा
कुछ लोगों ने पेपर लीक मामले को लेकर भी गहलोत सरकार पर सवाल उठाए। ईडी की छापेमारी भी राजस्थान के लोगों में चर्चा का विषय बनी रही।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ वोटर्स ऐसे हैं, जो कांग्रेस को वोट देते आए हैं, जो इस बार भी कांग्रेस को वोट देंगे। कुछ वोटर्स ऐसे भी हैं, जिन्होंने कहा कि उन्होंने इस बार किसे वोट दें, इस बारे में सोचा नहीं है। कुछ वोटर्स जिन्होंने कांग्रेस को वोट दिया था, इस बार भाजपा को वोट देने की बात कही। इस बीच भाजपा का वोटर्स, जो उनके साथ पहले से जुड़ा है, वो अभी भी भाजपा को ही वोट देने की बात कहता नजर आया।
https://www.youtube.com/watch?v=GAH-RIGOxC0
Rajasthan Assembly Election 2023 Dausa Ground Report News 24 Srinivasan Jain: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में फिलहाल 15 दिन बाकी हैं। राजस्थान में हर पांच साल पर सरकार बदलने का रिवाज है, लेकिन क्या इस बार राजस्थान की जनता का कांग्रेस के साथ करार बरकरार रहेगा या फिर 5 साल पर सरकार बदलने वाला रिवाज कायम रहेगा। इसे समझने के लिए न्यूज 24 के कंसल्टिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन ने दौसा में ग्राउंड रिपोर्टिंग की। उन्होंने यहां के लोगों से बातचीत कर राजस्थान की तस्वीर जानने की कोशिश की।
राजस्थान की जनता का मन टटोलने के लिए न्यूज 24 ने दौसा पर फोकस किया। राजस्थान में पिछले 30 साल से हर पांच साल बाद सरकार बदल जाती है। दौसा को सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है। दौसा में कुल 5 विधानसभा सीटे हैं। 2013 में यहां भाजपा को तीन सीट मिली, जबकि अन्य को दो सीटों पर जीत मिल पाई। वहीं 2018 में भाजपा को यहां एक भी सीट नहीं मिली, जबकि कांग्रेस ने यहां की चार विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। फिलहाल, दौसा विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में हैं और यहां से मोरारी लाल विधायक हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर से मोरारी लाल पर भरोसा जताया है।

युवा मतदाताओं का कांग्रेस की ओर दिखा झुकाव
पहली बार मतदान करने वालों से जब उनके वोट को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कांग्रेस को वोट देने की बात कही। एक युवा ने सचिन पायलट को अपना बेस्ट नेता बताया। एक अन्य शख्स ने कहा कि दौसा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मोरारी लाल की विजय निश्चित है, क्योंकि वे सचिन पायलट के साथ रहे हैं, उनसे धोखा नहीं किया है।
कुछ वोटर्स बोले- हमने अभी तक मन नहीं बनाया, लेकिन कांग्रेस से नाखुश हैं
महिला वोटर्स से जब बात की गई तो उन्होंने कांग्रेस सरकार से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हमारे इलाके में पानी और सड़क की समस्या है। हम किसी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पिछली बार कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया था, लेकिन इस बार किसी को वोट देने का नहीं सोचा है।
गांव में सबसे ज्यादा किसे वोट मिलता है, इसके सवाल पर एक बुजुर्ग ने कहा कि पिछले साल हमने गहलोत के नाम पर कांग्रेस को वोट दिया था। उन्होंने कहा कि गांव के गुर्जर सचिन पायलट के साथ हैं।

कई वोटर्स ने इस बार मन बदलने की बात कही
एक वोटर ने कहा कि मैं टीचर की तैयारी कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा सरकार आनी चाहिए। कांग्रेस सरकार ने जनता को धोखा दिया है। राजस्थान इंट्रेंस एग्जाम में मेहनत करने वालों का नंबर नहीं आया, जबकि कम मेहनत करने वालों को जॉब मिल गई।
एक अन्य युवा ने कहा कि हम इस बार भाजपा को वोट डालेंगे, पिछले बार हमने कांग्रेस को वोट दिया था। पिछली बार हमने ये सोचा था कि पायलट सीएम बनेंगे, इसलिए कांग्रेस को वोट दिया था, लेकिन इस बार भाजपा को वोट देंगे।
एक बुजुर्ग ने कहा कि कमल के फूल को वोट देना है। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों के लिए भाजपा ने काम किया है। कांग्रेस ने हमारे लिए कुछ काम नहीं किया है। राशन वगैरह देने के गहलोत के दावे पर बुजुर्ग ने कहा कि ये सब तो केंद्र सरकार भी दे रही है।
एक अन्य युवा ने कहा कि इस बार भाजपा आएगी। हम इस बार प्रयास करेंगे कि भाजपा यहां सरकार बनाए। गहलोत सरकार की योजना के बारे में युवा ने कहा कि सरकार के दावे के मुताबिक कुछ नहीं हुआ है। किसानों के लिए कुछ नहीं हुआ है।
ईडी की छापेमारी, पेपरलीक मामले पर भी जनता ने की चर्चा
कुछ लोगों ने पेपर लीक मामले को लेकर भी गहलोत सरकार पर सवाल उठाए। ईडी की छापेमारी भी राजस्थान के लोगों में चर्चा का विषय बनी रही।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ वोटर्स ऐसे हैं, जो कांग्रेस को वोट देते आए हैं, जो इस बार भी कांग्रेस को वोट देंगे। कुछ वोटर्स ऐसे भी हैं, जिन्होंने कहा कि उन्होंने इस बार किसे वोट दें, इस बारे में सोचा नहीं है। कुछ वोटर्स जिन्होंने कांग्रेस को वोट दिया था, इस बार भाजपा को वोट देने की बात कही। इस बीच भाजपा का वोटर्स, जो उनके साथ पहले से जुड़ा है, वो अभी भी भाजपा को ही वोट देने की बात कहता नजर आया।