तृतीय श्रेणी शिक्षकों का शहीद स्मारक पर आंदोलन शुरू, तीन शिक्षक आमरण अनशन पर बैठे

Third class teachers' movement started at Shaheed Memorial in Jaipur

जयपुर के शहीद स्मारक पर तृतीय श्रेणी शिक्षकों का आंदोलन शुरू

जयपुर: राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के आव्हान पर शहीद स्मारक जयपुर में बुधवार से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का आंदोलन शुरू हुआ। शिक्षकों के महाआंदोलन ने गति पकड़ते हुए तीन शिक्षक सुनील महला, सूरजभान व ब्रजलता आमरण अनशन पर बैठ गए। अध्यापक सुनील मेहला, सूरजभान व अध्यापिका ब्रजलता ने अपनी पीड़ा को आंदोलन में रखते हुए कहा कि कई बार धरने प्रदर्शन के बावजूद भी ट्रांसफर नहीं हुए हैं। अतः हमारे पास केवल एक ही विकल्प है आमरण अनशन।

आगे उन्होंने कहा कि जब तक तृतीय श्रेणी अध्यापकों के ट्रांसफर नहीं हो जाते आमरण अनशन चलता रहेगा। महाआंदोलन में सुबह से लेकर शाम तक शिक्षक नेताओं के भाषण होते रहे और प्रदेशभर से भारी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने एक स्वर में कहा है कि दो लाख से अधिक लोगों की सरकार सुन नहीं रही है जिसका शिक्षक करारा जवाब देंगे।

वहीं महाआंदोलन में आमरण अनशन पर बैठे तीनों शिक्षकों को प्रदेश अध्यक्ष गिरिराज शर्मा और चंद्रभान चौधरी ने माला पहनाकर आमरण अनशन पर बिठाया। कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने शहीद स्मारक पहुंचकर शिक्षकों की हौसला अफजाई की। शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश प्रवक्ता डॉ रनजीत मीणा ने कहा कि इस बार शिक्षक आरपार के मूड में है जिसे सरकार को समझना चाहिए। तृतीय श्रेणी ट्रांसफर की खबर ट्विटर पर भी खूब वायरल होती रही।

गौरतलब है कि साल 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार की ओर से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले किए गए थे। लेकिन उसके बाद से अब तक तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादलों की सौगात नहीं मिली है। इसके साथ ही कांग्रेस सरकार की ओर से पिछले करीब डेढ़ साल पहले तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादला आवेदन लिए गए थे। जिसमें करीब 85 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने तबादलों के लिए आवेदन किए थे। लेकिन करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी आज तक सूची का इंतजार किया जा रहा है।

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