PFI Ban: सीएम योगी ने कहा, अखंड भारत की सुरक्षा के लिए PFI पर बैन का फैसला सही
Edited By Naresh Chaudhary

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Lucknow News: भारत सरकार (Indian Government) की ओर से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front Of India) को बैन (PFI Ban) किए जाने के बाद देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने भी इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए फैसले का स्वागत किया है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami) ने भी इस फैसले के पक्ष में अपना समर्थन दिया।
Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath welcomes the ban on PFI
"This is 'New India', where terrorists, criminals and organizations and individuals who pose a threat to the unity, integrity and security of the nation are not acceptable," tweeted CM Yogi Adityanath
(file pic) pic.twitter.com/1qUzAj9xZb
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 28, 2022
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से PFI पर पांच साल के लिए बैन लगाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया। इसमें लिखा, ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके अनुषांगिक संगठनों पर लगाया गया प्रतिबंध सराहनीय एवं स्वागत योग्य है। यह ‘नया भारत’ है, यहां आतंकी, आपराधिक और राष्ट्र की एकता व अखंडता तथा सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन एवं व्यक्ति स्वीकार्य नहीं।’
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ट्वीट करके फैसले को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने लिखा, ‘केंद्र सरकार द्वारा देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में नया भारत इस प्रकार की विभाजनकारी शक्तियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।’ इनके अलावा और भी नेताओं ने फैलसे का स्वागत किया है।
केन्द्र सरकार द्वारा देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय स्वागत योग्य है।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में नया भारत इस प्रकार की विभाजनकारी शक्तियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 28, 2022
बता दें कि केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को 5 साल के लिए बैन कर दिया। इसके अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन RIF, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन , नेशनल वुमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन, रिहैब फाउंडेशन जैसे सहयोगी संगठनों पर भी बैन लगाया गया है। गृह मंत्रालय ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी किया है।
दरअसल सात दिन के अंदर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), राज्यों की पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ देशभर में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की। सैकड़ों की संख्या में पीएफआई के पदाधिकारी और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पिछले दिनों NIA ने केरल से पीएफआई सदस्य शफीक पैठ को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना रैली पॉपुलर फ्रंट ऑफि इंडिया के टारगेट पर थी। इसके अलावा महाराष्ट्र में NIA के साथ मिलकर छापेमारी करने वाले ATS के सूत्रों ने ये भी बताया कि PFI के निशाने पर संघ के बड़े नेता भी थे।
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