Bombay High Court News: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 28 साल की एक महिला को अपने 7 वर्षीय बेटे की पिटाई करने के आरोप में जमानत देते हुए अहम टिप्पणी की। बता दें, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पोक्सो एक्ट मामले में गिरफ्तार आरोपी मां को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कोई भी अपने बच्चे के साथ ऐसा दुर्व्यवहार और इतनी बेरहमी से पिटाई नहीं कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसे सबूत भी नहीं है जो आरोपों की पुष्टि करता हो। जस्टिस न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव ने सबूतों का हवाला देते हुए जमानत का फैसला देने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष ने लगाए आरोप
इस मामले में आरोपी मां को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज IPC पोक्सो और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की अलग अलग धाराओं के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया था। अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि महिला और उसके लिव इन पार्टनर ने बच्चे के साथ अत्याचार कर उसको बेरहमी से पिटा था, जिसके बाद उसे इंटरनल ब्लीडिंग होने के बाद फ्रैक्चर हुआ है।
पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था
मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में महिला से अलग रह रहे उसके पति ने दर्ज कराया था। दोनों ने साल 2017 में शादी रचाई थी और साल 2018 में महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। महिला के पति की माने तो जब भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था तो महिला उसका गुस्सा बच्चे पर निकालती थी।
मामले में आरोपी महिला के वकील प्रशांत पांडेय ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया है और इसमें कोई तथ्य नहीं है। महिला अपने बच्चे को बेहतर इलाज के लिए अच्छे से अच्छे अस्पताल में लेकर गई थी। इस मामले में कोर्ट ने कहा है कि महिला की गिरफ्तारी में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है।
ये भी पढ़ें- फ्रांसीसी कंपनी ने मुंबई प्राधिकरण पर भ्रष्टाचार के लगाए आरोप, कांग्रेस ने BJP को घेरा