Maharashtra Election News: महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों की चुनाव प्रक्रिया के बीच राज्य चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला किया है. नए आदेश के अनुसार, अब भविष्य में होने वाले निकाय और जिला परिषद चुनाव में मतदान के दौरान उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. वर्तमान निकाय चुनाव के दौरान स्याही को लेकर उठे सवालों के चलते राज्य चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है, ताकि चुनाव परिणाम में पारदर्शिता सुनिश्चित हो.
यह भी पढ़ें: BMC Election 2026: अमिट स्याही की जगह किस मार्कर पेन का किया जा रहा इस्तेमाल? चुनावों में धांधली के लगे आरोप
स्याही विवाद की जांच के आदेश
बता दें कि महाराष्ट्र के विपक्षी दल शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने निकाय चुनाव मतदान प्रक्रिया में खामियां गिनाई थी. चुनाव आयोग की वर्किंग पर सवाल उठाए थे, जिसके चलते अब राज्य चुनाव आयोग ने स्याही विवाद की जांच के आदेश भी जारी किए हैं. आरोप लगाया गया है कि इस बार चुनाव मतदान के दौरान जो स्याही लगाई गई है, वह आसानी से मिट रही है. इसलिए उद्धव ठाकरे ने राज्य चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए उसे कठघरे में खड़ कर दिया.
मनसे उम्मीदवार ने उठाया सवाल
बता दें कि राज ठाकरे की मनसे की उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने स्याही पर सवाल उठाए थे और कहा था कि जानबूझकर ऐसी स्याही मतदाताओं की उंगली पर लगाई जा रही है, जो हाथ लगाते ही मिट रही है. ऐसा सत्तारुढ़ दल को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. इसके बाद स्याही विवाद छिड़ गया और सवाल उठने लगे. BMC कमिश्नर भूषण गगरानी ने भी उर्मिला तांबे की बात से सहमति जताई और कहा कि मार्कर पेन से लगाया गया निशान स्थायी नहीं रहता है.
यह भी पढ़ें: बीएमसी चुनाव में इस्तेमाल होने जा रही है PADU मशीन, राज ठाकरे ने उठाए सवाल; जानिए कहां और कैसे होगा इस्तेमाल
राहुल गांधी ने उठाया था सवाल
बता दें कि महाराष्ट्र में स्याही विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाया था. उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अपने X हैंडल पर पोस्ट लिखी. उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग देश की जनता को भ्रमित कर रह है. निकाय चुनाव के नतीजों में BJP को मिल रही बढ़त एक बार फिर वोट चोरी की ओर इशारा कर रही है. इससे लगता है कि लोकतंत्र में भरोसा खत्म हो गया है. वोट चोरी करना देश विरोधी कृत्य है.
Maharashtra Election News: महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों की चुनाव प्रक्रिया के बीच राज्य चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला किया है. नए आदेश के अनुसार, अब भविष्य में होने वाले निकाय और जिला परिषद चुनाव में मतदान के दौरान उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. वर्तमान निकाय चुनाव के दौरान स्याही को लेकर उठे सवालों के चलते राज्य चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है, ताकि चुनाव परिणाम में पारदर्शिता सुनिश्चित हो.
यह भी पढ़ें: BMC Election 2026: अमिट स्याही की जगह किस मार्कर पेन का किया जा रहा इस्तेमाल? चुनावों में धांधली के लगे आरोप
स्याही विवाद की जांच के आदेश
बता दें कि महाराष्ट्र के विपक्षी दल शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने निकाय चुनाव मतदान प्रक्रिया में खामियां गिनाई थी. चुनाव आयोग की वर्किंग पर सवाल उठाए थे, जिसके चलते अब राज्य चुनाव आयोग ने स्याही विवाद की जांच के आदेश भी जारी किए हैं. आरोप लगाया गया है कि इस बार चुनाव मतदान के दौरान जो स्याही लगाई गई है, वह आसानी से मिट रही है. इसलिए उद्धव ठाकरे ने राज्य चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए उसे कठघरे में खड़ कर दिया.
मनसे उम्मीदवार ने उठाया सवाल
बता दें कि राज ठाकरे की मनसे की उम्मीदवार उर्मिला तांबे ने स्याही पर सवाल उठाए थे और कहा था कि जानबूझकर ऐसी स्याही मतदाताओं की उंगली पर लगाई जा रही है, जो हाथ लगाते ही मिट रही है. ऐसा सत्तारुढ़ दल को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. इसके बाद स्याही विवाद छिड़ गया और सवाल उठने लगे. BMC कमिश्नर भूषण गगरानी ने भी उर्मिला तांबे की बात से सहमति जताई और कहा कि मार्कर पेन से लगाया गया निशान स्थायी नहीं रहता है.
यह भी पढ़ें: बीएमसी चुनाव में इस्तेमाल होने जा रही है PADU मशीन, राज ठाकरे ने उठाए सवाल; जानिए कहां और कैसे होगा इस्तेमाल
राहुल गांधी ने उठाया था सवाल
बता दें कि महाराष्ट्र में स्याही विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाया था. उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अपने X हैंडल पर पोस्ट लिखी. उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग देश की जनता को भ्रमित कर रह है. निकाय चुनाव के नतीजों में BJP को मिल रही बढ़त एक बार फिर वोट चोरी की ओर इशारा कर रही है. इससे लगता है कि लोकतंत्र में भरोसा खत्म हो गया है. वोट चोरी करना देश विरोधी कृत्य है.