Maharashtra Lok Sabha Election 2024 Piyush Goyal Slum Rehab Statement: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने के लिए कई वादे कर रहे हैं। ऐसे में वे कुछ ऐसे बयान दे देते हैं, जिससे विपक्षी दल उन पर हमला बोलने लगते हैं। इसी कड़ी में मुंबई उत्तर सीट से बीजेपी प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
(Piyush Goyal) के एक बयान से महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। आखिर केंद्रीय मंत्री ने ऐसा क्या बयान दे दिया, जिससे शिवसेना और कांग्रेस आगबबूला हो गई, आइए, जानते हैं...
'नमक वाली भूमि पर हो सकता है झुग्गीवासियों का पुनर्वास'
दरअसल, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री
पीयूष गोयल को बीजेपी ने इस बार मुंबई उत्तर सीट से प्रत्याशी बनाया है। गोयल ने कहा था कि वे नमक वाली भूमि का इस्तेमाल झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को बसाने के लिए कर सकते हैं। वहीं, इस पर कांग्रेस और शिवसेना की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को भी जीने का पूरा अधिकार है। शहर को बदलने के किसी भी दृष्टिकोण का विरोध करना विकास विरोधी एजेंडे को दर्शाता है।
https://twitter.com/IndianTechGuide/status/1774428935608062261
'झुग्गीवासियों का पुनर्वास करना होगी प्राथमिकता'
पीयूष गोयल ने कहा कि अगर वे
मुंबई उत्तर सीट से चुने जाते हैं तो उनकी प्राथमिकता झुग्गीवासियों का पुनर्वास करना होगी। इसके लिए नमक वाली भूमि का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। उनके इस बयान पर कांग्रेस और शिवसेना ने आरोप लगाया है कि यह झुग्गीवासियों को उनके घरों से स्थानांतरित करने जैसा होगा।
https://twitter.com/PiyushGoyal/status/1774440083799883896
आदित्य ठाकरे ने साधा निशाना
शिव सेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा स्थान से हटाकर नमक वाले भूमि पर बसाने के किसी भी कदम का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को नमक वाली भूमि पर मजबूर करना ऐसी चीज नहीं है, जिसकी हम अनुमति देंगे। भले ही आप हमारे संविधान को बदलने और उनके अधिकारों को छीनने की इच्छा रखते हों, लेकिन हम आपके रास्ते में खड़े होंगे।
'झुग्गीवासियों की आजीविका होगी प्रभावित'
आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं, उसके पास ही वे नौकरी करते हैं। इन्हें स्थानांतरित करने से उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा। वहीं, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी पीयूष गोयल के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि झुग्गीवासियों को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए, जहां वे रह रहे हैं।
https://twitter.com/ANI/status/1774219382962716725
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में अब फडणवीस ही बॉस! BJP की लिस्ट से विरोधियों का कट गया ‘टिकट’
'उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते'
पीयूष गोयल ने आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते। जो लोग शहर की मलिन बस्तियों में रहते हैं, उन्हें बेहतर जीवन का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि मुंबई को दुनिया के सबसे बेहतरीन शहरों में से एक में तब्दील होते देखने वाले दृष्टिकोण के लिए मेरा विरोध करना उनके विकास विरोधी एजेंडे को दर्शाता है।
https://twitter.com/PiyushGoyal/status/1774100212484845607
'उद्धव का नेतृत्व समाज में कलह ही पैदा करता है'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम हर व्यक्ति को एक अच्छा घर उपलब्ध कराने और जहां वे रहते हैं, उस स्थान का पुनर्वास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उद्धव का बदनाम, निराश, हतोत्साहित और पटरी से उतर गया नेतृत्व समाधान नहीं दे सकता, बल्कि समाज में कलह ही पैदा करता है।
यह भी पढ़ें: BJP ने मैनिफेस्टो कमेटी का किया ऐलान, राजनाथ सिंह बने अध्यक्ष, जानें समिति में किस-किस का नाम
Maharashtra Lok Sabha Election 2024 Piyush Goyal Slum Rehab Statement: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवार मतदाताओं को लुभाने के लिए कई वादे कर रहे हैं। ऐसे में वे कुछ ऐसे बयान दे देते हैं, जिससे विपक्षी दल उन पर हमला बोलने लगते हैं। इसी कड़ी में मुंबई उत्तर सीट से बीजेपी प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के एक बयान से महाराष्ट्र की सियासत में उबाल आ गया है। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। आखिर केंद्रीय मंत्री ने ऐसा क्या बयान दे दिया, जिससे शिवसेना और कांग्रेस आगबबूला हो गई, आइए, जानते हैं…
‘नमक वाली भूमि पर हो सकता है झुग्गीवासियों का पुनर्वास’
दरअसल, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को बीजेपी ने इस बार मुंबई उत्तर सीट से प्रत्याशी बनाया है। गोयल ने कहा था कि वे नमक वाली भूमि का इस्तेमाल झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को बसाने के लिए कर सकते हैं। वहीं, इस पर कांग्रेस और शिवसेना की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को भी जीने का पूरा अधिकार है। शहर को बदलने के किसी भी दृष्टिकोण का विरोध करना विकास विरोधी एजेंडे को दर्शाता है।
‘झुग्गीवासियों का पुनर्वास करना होगी प्राथमिकता’
पीयूष गोयल ने कहा कि अगर वे मुंबई उत्तर सीट से चुने जाते हैं तो उनकी प्राथमिकता झुग्गीवासियों का पुनर्वास करना होगी। इसके लिए नमक वाली भूमि का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। उनके इस बयान पर कांग्रेस और शिवसेना ने आरोप लगाया है कि यह झुग्गीवासियों को उनके घरों से स्थानांतरित करने जैसा होगा।
आदित्य ठाकरे ने साधा निशाना
शिव सेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी झुग्गीवासियों को उनके मौजूदा स्थान से हटाकर नमक वाले भूमि पर बसाने के किसी भी कदम का विरोध करती है। उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को नमक वाली भूमि पर मजबूर करना ऐसी चीज नहीं है, जिसकी हम अनुमति देंगे। भले ही आप हमारे संविधान को बदलने और उनके अधिकारों को छीनने की इच्छा रखते हों, लेकिन हम आपके रास्ते में खड़े होंगे।
‘झुग्गीवासियों की आजीविका होगी प्रभावित’
आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं, उसके पास ही वे नौकरी करते हैं। इन्हें स्थानांतरित करने से उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा। वहीं, मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी पीयूष गोयल के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि झुग्गीवासियों को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए, जहां वे रह रहे हैं।
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‘उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते’
पीयूष गोयल ने आदित्य ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मुंबई का भाग्य तय नहीं कर सकते। जो लोग शहर की मलिन बस्तियों में रहते हैं, उन्हें बेहतर जीवन का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि मुंबई को दुनिया के सबसे बेहतरीन शहरों में से एक में तब्दील होते देखने वाले दृष्टिकोण के लिए मेरा विरोध करना उनके विकास विरोधी एजेंडे को दर्शाता है।
‘उद्धव का नेतृत्व समाज में कलह ही पैदा करता है’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम हर व्यक्ति को एक अच्छा घर उपलब्ध कराने और जहां वे रहते हैं, उस स्थान का पुनर्वास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उद्धव का बदनाम, निराश, हतोत्साहित और पटरी से उतर गया नेतृत्व समाधान नहीं दे सकता, बल्कि समाज में कलह ही पैदा करता है।
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