कुणाल कामरा की विवादास्पद टिप्पणी के बाद पहली बार डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान सामने आया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि हम व्यंग्य समझते हैं मगर इसकी सीमा होनी चाहिए। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि दिल्ली में भी सियासत गरमाई हुई है। डिप्टी सीएम ने शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा मुंबई स्टूडियो में की गई तोड़फोड़ को सही बताया। उन्होंने कहा कि क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने एकनाथ शिंदे के हवाले से बताया कि एक व्यक्ति को निश्चित स्तर बनाए रखना चाहिए। अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। यह किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी लेने जैसा है।
किसी के लिए काम कर रहे कामरा
शिंदे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में उन्होंने राष्ट्रीय संस्थाओं और पीएम मोदी समेत प्रमुख हस्तियों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि यह वही व्यक्ति है जिसने भारत के सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पत्रकारों और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणियां की थी। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी के लिए काम करने जैसा लगता है।
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पुलिस ने जारी किया समन
इस मामले में अब खार पुलिस ने कामरा को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले कामरा ने सोशल मीडिया के जरिए अपना स्पष्टीकरण दिया था। इसमें उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर माफी मांगने से इंकार कर दिया था। बता दें कि कुणाल कामरा ने खार स्थित हैबिबेट स्टूडियो में एक पैरोडी के जरिए डिप्टी सीएम पर टिप्पणी की थी। क्लिप में कामरा ने शिंदे को गद्दार बताया था।
कामरा की इस टिप्पणी के बाद शिवसैनिकों ने खार स्थित हैबिबेट स्टूडियो में तोड़फोड़ की। इसके बाद सोमवार को बीएमसी ने कार्रवाई करते हुए स्टूडियो को तोड़ दिया था।
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