इंदौर के बंगाली चौराहे के पास हुआ भीषण अग्निकांड पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से हुआ.घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जबकि 3 लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने खुलासा किया है कि आग की शुरुआत पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार (EV) को चार्ज करने के दौरान हुई. शुरुआती जांच के अनुसार, घर के बाहर पार्किंग एरिया में इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग पर लगाया गया था और चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट हो गया. इसके बाद आग वाहन से घर में फैल गई. घर के अंदर 10 से अधिक गैस टैंक भी रखे थे, जिनमें से कुछ में विस्फोट हो गया. हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है.
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh | Commissioner of Police for Indore, Santosh Kumar Singh says, "…Three people were rescued and seven people have died…The fire has been completely brought under control…" https://t.co/QnUCBR0yJh pic.twitter.com/O3nInS7w6N
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) March 18, 2026
पारिवारिक उत्सव बना मातम
सूत्र बताते हैं कि पुगलिया परिवार में एक पारिवारिक आयोजन था, जिसके कारण घर में मेहमान और रिश्तेदार भी रुके हुए थे. V कार चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, अब तक 8 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर घायल हैं. मृतकों में 12 साल की बच्ची, तीन पुरुष, तीन महिला एक बच्चा भी शामिल है
पॉलीमर और रसायनों ने ‘घी’ का काम किया
मनोज पुगलिया पॉलीमर के व्यवसायी थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि घर के अंदर भारी मात्रा में पॉलीमर और अन्य ज्वलनशील रसायन रखे हुए थे. जैसे ही कार की आग घर के अंदर दाखिल हुई, इन रसायनों ने आग की तीव्रता को 10 गुना बढ़ा दिया, जिससे बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा.
इंदौर के डीएम शिवम वर्मा ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है. उन्होंने पुष्टि की कि दो मंजिलें खाली कराई जा चुकी हैं, लेकिन टीम अभी भी तीसरी मंजिल की गहन जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे में कोई और तो नहीं दबा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें घायलों के बेहतर उपचार के लिए तैनात हैं.










