विपिन श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के दामोह से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ठेला लगाकर अंडा बेचने वाले शख्स को जीएसटी विभाग का ऐसा नोटिस मिला कि पूरा परिवार हैरान रह गया। नोटिस मिलने के बाद शख्स वकील के पास पहुंचा, जहां पता चला कि यह नोटिस फर्जी नहीं बल्कि असली है। दरअसल, जीएसटी विभाग की तरफ से अंडे का ठेला लगाने वाले शख्स को 6 करोड़ के जीएसटी बकाया का नोटिस मिला।
दमोह में अंडे का ठेला लगाकर गुजारा करने वाले प्रिंस सुमन नाम के शख्स को बताया गया कि वह दिल्ली में रजिस्टर्ड एक कंपनी का मालिक है और 6 करोड़ रुपए का जीएसटी भुगतान नहीं किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि इस कंपनी के नाम पर करीब 50 करोड़ का कारोबार दर्ज है।
नोटिस मिलने से हैरत में पड़ा परिवार
नोटिस मिलने के बाद प्रिंस सुमन हैरत में पड़ गए, परिवार डर गया और इसके बाद उन्होंने एक वकील से संपर्क किया। वकील ने जांच-पड़ताल की और बताया कि नोटिस तो असली है, लेकिन सुमन का दावा है कि वह कभी दिल्ली गया ही नहीं, जहां यह कंपनी रजिस्टर्ड बताई जा रही है।
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20 मार्च को मिला था नोटिस
नोटिस मिलने के बाद परिवार ने आयकर विभाग और एसपी से इसकी शिकायत की है। पथरिया के वार्ड क्रमांक 14 निवासी प्रिंस पिता श्रीधर सुमन अपने जीवन-यापन के लिए हाथ ठेले पर अंडे बेचने का कार्य करते हैं। 20 मार्च 2025 को उन्हें दिल्ली आयकर विभाग से एक नोटिस प्राप्त हुआ।
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नोटिस में 49 करोड़ 24 लाख 57 हजार 217 रुपए के वित्तीय लेन-देन का हिसाब मांगा गया था। आयकर अधिनियम 1961 की धारा-133(6) के अंतर्गत दिए गए नोटिस में वित्तीय वर्ष 2022-23 की आईटीआर एवं व्यवसाय के साल भर के स्टेटमेंट की मांग की गई है और खरीदी-बिक्री की भी जानकारी मांगी गई है।