CM Mohan Yadav in Jijamata Samman Ceremony: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश को हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए उनकी सरकार हर मुमकिन और जरूरी कदम उठा रही है। इसी के तहत राज्य के रवींद्र भवन में जीजामाता सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सीएम मोहन यादव भी शामिल हुए। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिजामाता ने हम सभी को सिखाया है कि दृढ़ संकल्प और साहस के साथ असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं और नीतियों का जिक्र किया।
माताओं का अहम योगदान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिजामाता राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ महिला सशक्तिकरण की योजनाओं पर काम कर रही है। जिजामाता सम्मान समारोह समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से ही किया गया है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मेडल हासिल करता है, तो यह सिर्फ उस खिलाड़ी की मेहनत नहीं होती, बल्कि उस खिलाड़ी को तैयार करने वाली मां का भी अहम योगदान होता है, जिसके त्याग, बलिदान, समर्पण, साधना, भावना और परिश्रम से एक खिलाड़ी बनकर तैयार होता है। भारत को भारत बनाने में और खिलाड़ी को खिलाड़ी बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे ऊपर है। परिवार बच्चों का पहला ट्रेनिंग सेंटर होता है और माताएं यह काम बखूबी करती हैं।
क्या नई राष्ट्रीय खेल नीति
इस दौरान केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि इस देश को सम्मान और अभिमान बढ़ाने में नारी शक्ति का खास योगदान है। हमारी संस्कृति और हमारी प्रकृति में खेल हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत सरकार नई राष्ट्रीय खेल नीति पर अमल करते हुए देश के लिए अधिकाधिक ओलम्पिक मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को तैयार करेगी। इस नीति के जरिए 9 से 15 साल के किशोरवय खिलाड़ियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा।