Conversion in Jharkhand: झारखंड में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाता जा रहा है। आदिवासियों ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। वे धर्मांतरित आदिवासियों को एसटी सूची से हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। यह विरोध प्रदर्शन आरएएस समर्थन वनवासी कल्याण केंद्र की सहयोगी जनजातीय सुरक्षा मंच के बैनर के तहत मोराबादी ग्राउंड में आयोजित किया गया।
तख्तियां पकड़े हुए दिखे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों को एसटी सूची से कनवर्टेड आदिवासियों को हटाने की मांग करते हुए तख्तियां पकड़े हुए देखा गया। इन तख्तियों में ‘समस्या अनेक समाधान एक, डीलिस्टिंग, डीलिस्टिंग डीलिस्टिंग’, ‘जो ग्राम देवी देवता को पूजता है, वहीं आदिवासी है’, ‘आस्था ही आत्मा, संस्कृति ही शरीर’, ‘देश-धर्म की रक्षा, दायित्व है हमारा’ और ‘धर्म छूटेगा, पहचान मिटेगा’ जैसे नारे लिखे हुए थे।
एक प्रदर्शनकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि राज्य भर से सभी आदिवासी यह मांग करने के करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं कि कनवर्टेड आदिवासियों को एसटी सूची से हटा दिया जाए। जेएसएम की मांग है कि ईसाई या इस्लाम धर्म को अपना चुके सभी आदिवासियों से उनका एसटी दर्जा छीन लिया जाए, ताकि उनको अतिरिक्त लाभ न मिले।
‘जानबूझकर बनाई गई रैली की योजना’
इससे पहले, शनिवार को कई नागरिक अधिकार समूहों ने संयुक्त रूप से मुख्य सचिव एल खियांग्ते राज्य और जिला पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा था। इस पत्र के जरिए उन्होंने आदिवासियों की रैली के लिए विशेष निगरानी की मांग की थी। अपने पत्र में नागरिक अधिकार निकायों ने आरोप लगाया है कि सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने के लिए क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले रैली की योजना जानबूझकर बनाई गई थी।