IPS की आरटीआई का जवाब देने में की थी 9 दिन की देरी, हरियाणा के गृह विभाग के अधिकारी पर हुआ ये एक्शन

Action taken on Haryana Home Department official: राज्य सूचना आयुक्त ने काम में लापरवाही बरतने के लिए संबंधित अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी करके पूछा है कि उनके खिलाफ क्यों ना कार्रवाई की जाए।

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 Action taken on Haryana Home Department official: हरियाणा के गृह विभाग में तैनात सुपरिटेंडेंट लेवल के अधिकारी को काम में कोताही भारी पड़ गई है। उन्होंने IPS रैंक के अफसर की आरटीआई का जवाब देने में 9 दिन की देरी की थी। राज्य सूचना आयुक्त ने काम में लापरवाही बरतने के लिए संबंधित अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी करके पूछा है कि उनके खिलाफ क्यों ना कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने आरोपी अफसर से 25 जनवरी 2024 तक जवाब तलब किया है। 12 फरवरी को उनको आयुक्त के समक्ष व्यक्तिगत तौर पर भी पेश होना होगा।

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आईजीपी को विज ने भेजा था टेलीकम्यूनिकेशन महकमे में

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने 2001 बैच के आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार को नवंबर माह में आईजी टेलीकम्यूनिकेशन के तौर पर तैनात किया था। उनको इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम का दायित्व भी अतिरिक्त तौर पर दिया गया। इससे पहले वो आईजी होमगार्ड्स का काम देख रहे थे। पूरन कुमार ने अपनी तत्कालीन पोस्टिंग को लेकर सरकार से सवाल किया था। उनको लगता था कि ये आईजी होमगार्ड्स की पोस्ट आईपीएस कैडर में नहीं आती है। उसके बाद अनिल विज ने उनका तबादला टेलीकम्यूनिकेशन महकमे में कर दिया। पूरन कुमार ने सरकार के इस फैसले के पहले यानि 14 अगस्त को आरटीआई लगाकर गृह मंत्रालय के स्टेट पब्लिक इनफोरमेशन अफसर (SPIO) 1997 बैच के आईपीएस अफसरों की पदोन्नति से जुड़ा ब्यौरा मांगा था।

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30 दिन में नहीं मिला जवाब तो दायर की थी अपील

पूरन कुमार को तय समय के भीतर अपनी आरटीआई का जवाब नहीं मिला तो उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त सत्यवीर सिंह फूलिया के पास अपील दायर की। उनकी दलील थी कि SPIO धर्मेंद्र बत्रा को 30 दिनों के भीतर उनकी रिट का जवाब देना चाहिए था। लेकिन उन्होंने अपने काम में लापरवाही बरती। हालांकि बत्रा ने आईपीएस अफसर के दावों को खारिज करते हुए कहा कि 22 सितंबर को एक चिट्ठी के जरिये उनको जवाब दिया गया था। उनको बताया गया था कि 1997 बैच के आईपीएस अफसरों की पदोन्नति से जुड़ा मसला अभी सरकार के पास विचाराधीन है। जब भी इस फाइल पर फैसला होगा तब पूरन कुमार को तफसील से इसके बारे में बता दिया जाएगा।

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9 दिन की देरी से जवाब मिलने पर भड़के आयुक्त

सूचना आयुक्त ने 16 वनवंबर को आईपीएस अफसर को तलब करके उनकी शिकायत पर गौर किया था। मामले की पड़ताल करने के बाद उन्होंने भी माना कि SPIO धर्मेंद्र बत्रा को पूरन कुमार की आरटीआई पर 13 सितंबर तक जवाब दे देना चाहिए था। लेकिन उन्होंने 9 दिन की देरी से जवाब दिया। बत्रा ने देरी के लिए कोई वाजिब कारण भी नहीं बताया। लिहाजा पहली ही नजर में लग रहा है कि उन्होंने ड्यूटी में कोताही बरती। हालांकि आईपीएस अफसर ने सूचना आयुक्त के पास भेजी गई शिकायत को वापस ले लिया है। लेकिन सत्यवीर सिंह फूलिया का मानना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जवाब में देरी गलत है। SPIO धर्मेंद्र बत्रा को 30 दिनों के भीतर जवाब देना चाहिए था।

 

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